कोटद्वार: दुकान का नाम बदलने के विवाद ने पकड़ा तूल, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में निकाला जुलूस, पुलिस को उठाना पड़ा ये कदम

Kotdwar Shop Name Dispute: उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देहरादून से कोटद्वार पहुंचकर शहर में जुलूस निकाला और जिम ट्रेनर दीपक कुमार की जिम के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस को हालात संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

Kotdwar Bajrang Dal Protest
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Kotdwar Bajrang Dal Protest: उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को इस मामले में देहरादून से कोटद्वार पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में जमकर हंगामा किया. प्रदर्शनकारियों ने पहले शहर में जुलूस निकाला.  इसके बाद वे बीते दिनों हुए विवाद में बीच बचाव करने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार की जिम के बाहर धरने पर बैठ गए. दरअसल, कोटद्वार के पटेल मार्ग पर स्थित एक दुकान के बोर्ड पर लिखे नाम को बदलने की मांग को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता एक बुजुर्ग दुकानदार की दुकान में घुस गए थे और वहां हंगामा किया था.

इसी दौरान स्थिति को शांत कराने के लिए जिम ट्रेनर दीपक कुमार मौके पर पहुंचे थे लेकिन उनकी एंट्री के बाद विवाद और बढ़ गया. घटना के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय युवकों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें दीपक कुमार भी शामिल थे. विवाद के बीच-बचाव के दौरान दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था, जिसके बाद मामला और संवेदनशील हो गया. बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को काबू में किया गया और बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां से चले गए.

घटना के अगल दिन बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

इस घटना के बाद से गुस्साए बजरंग के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शनिवार को देहरादून से कोटद्वार पहुंचे. यहां पहुंचकर कर इन्होंने घटना के विरोध में मालवीय उद्यान में जमकर हंगामा काटा. इस दौरान प्रर्दशनकारियों ने पहले पहले शहरभर में जुलूस निकाला और इसके बाद दुकानदार के समर्थन में उतरे दीपक के जिम के बाहर प्रदर्शन किया. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

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काफी देर तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा

इस बीच पुलिस ने बीते दिन की घटना में बीच बचाव की कोशिश करने वाले दीपक कुमार और विजय रावत को सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली में बिठा दिया. काफी देर तक पुलिस बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझाती रही लेकिन वह नहीं माने. इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम में सुरक्षा में आए पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाना पड़ा तब जाकर पुलिस ने स्थिति को काबू किया और बाहर से आए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कोटद्वार शहर से खदेड़ा. इस दौरान कोटद्वार की सड़कों पर जाम जैसी स्थिति भी बनी रही. वहीं इस मामले में जब पुलिस की उच्च अधिकारियों में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा की आपसी मामला है इसे जल्द सुलझा दिया जाएगा.

मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ता का आया बयान

वहीं मामले में देहरादून से कोटद्वार पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ता नरेश उनियाल का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि बजरंग दल किसी पार्टी का गुलाम नहीं है. पूरे विश्व में हिंदुओं की रक्षा करने का कार्य करता है. पूरे देश में जो वामपंथी विचारधारा के लोग हैं...जो कांग्रेसी विचारधारा के लोग हैं...उनको बजरंग दल का कोई तोड़ नहीं मिला...उन्होंने इस तरह से पूरे देश में एक नेगेटिव वीडियो चलाया जिसे मीडिया के कुछ लोग चला रहे हैं की बजरंग दल पूरे देश में नफरत फैलाता है.

क्या था पूरा मामला?

उत्तराखण्ड के कोटद्वार में एक विशेष समुदाय की दुकान के(बाबा) नाम को लेकर विवाद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में कुछ युवक पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान पर पहुंचकर दुकान का नाम बाबा रखे जाने का विरोध करते नजर आ रहे हैं. उत्तराखंड के कोटद्वार में एक मामला सामने आया जहां बजरंग दल के सदस्यों ने एक विशेष समुदाय के बुजुर्ग की दुकानदार से उनकी दुकान जो (बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर) नाम से चल रही थी. उसका नाम बदलने को लेकर आपत्ति जताई. इस दौरान बजरंग दल के सदस्यों ने विशेष समुदाय की दुकान के आगे जमकर हंगामा काटा. मौके पर मौजूद अन्य लोगों के विरोध के बाद बजरंग दल के सदस्य वहां से लौट गए, घटना के बाद इलाके में चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया.

वायरल वीडियो में युवक दुकानदार से यह कहते भी सुनाई दे रहा है कि बाबा नाम रखने का अधिकार केवल हिंदू समुदाय के लोगों को है इस पर दुकानदार ने स्पष्ट किया कि उसकी दुकान पिछले 30 वर्षों से इसी नाम से संचालित हो रही है साथ उसने कहा कि यदि किसी भी समुदाय को इस नाम से आपत्ति है तो वह बोर्ड हटाने के लिए तैयार है वही इस बात को लेकर दोनों पक्षों के पीछे सड़क पट्टी की बहस शुरू हो गई जो बाद में हाता पाई बदलने लगी स्थिति बिगड़ते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा बूझकर मामला शांत करवाया, समय रहते मामला शांत नही होता तो हालात और गंभीर हो सकते थे.. लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था.

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