हरीश रावत का केंद्र सरकार पर हमला, रामलीला मैदान की रैली को बताया ऐतिहासिक, लोकतंत्र बचाने की अपील
Harish Rawat Ramlila Ground Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली हुई. इसमें विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रैली को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र, संविधान और वोट के अधिकार की रक्षा जरूरी है.
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Harish Rawat Ramlila Ground Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में बीते रविवार INDIA ब्लॉक ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली का आयोजन किया था. इस रैली में देश भर से पहुंचे विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम देखने को मिला है. इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी रामलीला मैदान पहुंचे. इस दौरान हमारे सहयोगी ने उनसे बातचीत की है. हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज यह सभा देश के भविष्य और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगी.
इतिहास की सबसे बड़ी रैलियों में से एक- हरीश रावत
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक रैली करार दिया. उन्होंने कहा, "यह एक ऐतिहासिक रैली है. मैं अभी विभिन्न दलों के लोगों से बात कर रहा था, उनके अनुसार यहां इससे बड़ी रैली पहले कभी नहीं हुई. आज जितने लोग अंदर हैं, उससे दोगुने लोग बाहर हैं. राहुल गांधी जी अपनी पदयात्रा के साथ पहुंच रहे हैं और उनके साथ भी हजारों लोगों की भीड़ है. यह भीड़ यह कहने आई है कि 'अब बहुत हो चुका है' और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई के सभी योद्धा यहां आए हैं. वे विभिन्न दलों के झंडे तले भी आए हैं और कांग्रेस के झंडे तले भी. देश के हर कोने से बड़ी संख्या में लोग स्वतःस्फूर्त होकर आए हैं. इसलिए यह अपने आप में एक इतिहास रच रहा है, जो भविष्य के लिए एक नई सुबह और एक नई शुरुआत की ओर ले जाएगा, मैं इसकी गारंटी देता हूं."
लोकतंत्र और संविधान बचाने की अंतिम लड़ाई
देश की जनता को स्पष्ट संदेश देते हुए हरीश रावत ने आगे कहा, "अब लोकतंत्र को बचाना है. वोट के अधिकार की रक्षा करनी है, संविधान की रक्षा करनी है और अपने अधिकारों की रक्षा करनी है. आपको अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करनी है, इसलिए आज की इस सरकार को जाना होगा." उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सत्ता को हटाना देश के लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए बेहद जरूरी हो गया है. रामलीला मैदान के मुख्य मंच पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और जेएमएम समेत इंडिया गठबंधन के तमाम दिग्गज सांसद, विधायक और नेता जुटना शुरू हो गए हैं.
विपक्ष का साझा विरोध और आगे का घटनाक्रम
बता दें कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की गई थी. इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और जेएमएम समेत गठबंधन के कई बड़े नेता, सांसद और विधायक शामिल हुए. सुबह से ही मैदान में कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दोपहर तक बड़ी जनसभा में बदल गया. इस दौरान मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताया गया. अब इस रैली के सियासी असर पर सबकी नजरें टिकी हैं.
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