पौड़ी में गुलदार का खौफ! आरुषि की मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, विधायक की गाड़ी के बोनट पर चढ़ी महिला, वीडियाे वायरल
Pauri Mla Protest: उत्तराखंड के पौड़ी में गुलदार के खौफनाक हमले ने एक बार फिर चार साल की मासूम की जान ले ली है. घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने विधायक का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. महिलाओं का आरोप है कि प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है.
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Pauri Leopard Attack: उत्तराखंड के पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां देर शाम अपने घर के आंगन में खेल रही चार साल की मासूम आरुषि को एक आदमखोर गुलदार ने अपना निवाला बना लिया. इस खौफनाक वारदात को बच्ची के सात साल के भाई आर्यन ने अपनी आंखों से देखा. परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत शोर मचाते हुए तलाश शुरू की, जिसके बाद घर से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद हुआ. इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल छा गया है.
गुस्से में गाड़ी के बोनट पर चढ़ी महिला
घटना की सूचना मिलते ही पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे. लेकिन, विधायक के पहुंचते ही ग्रामीणों का लंबे समय से जमा गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने विधायक का घेराव कर वन विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि एक स्थानीय महिला गुस्से में विधायक की गाड़ी के बोनट पर ही चढ़ गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है.
महिलाओं का दर्द: 'घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं हमारे बच्चे'
स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल उठाया है. महिलाओं का कहना है कि गुलदार अब घरों के आसपास खुलेआम घूम रहे हैं. घटना के दिन भी गांव में दो गुलदार देखे गए थे. एक स्थानीय महिला सुषमा ने बताया कि उनके पति जब मेडिकल खोलने जाते हैं, तो उन्हें रास्ते में एक साथ दो-दो गुलदार दिखाई देते हैं. वहीं, दूसरी महिला परमेश्वरी ने रोते हुए कहा कि जब गुलदार घर के अंदर से बच्चों को उठा ले जा रहा है, तो लोग अपने घरों में भी कैसे सुरक्षित महसूस करें. महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग पकड़े गए गुलदारों को सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह छोड़ देता है, जिससे खतरा कम नहीं हो रहा है.
ग्रामीणों की चेतावनी: आंखों के सामने चाहिए आदमखोर का खात्मा
ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके बच्चे घर के आंगन में भी सुरक्षित नहीं हैं. घटना के दौरान गुलदार ने एक अन्य बच्ची को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी, जो समय रहते घर के अंदर भाग गई और उसकी जान बच गई. गुस्से में आए ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग के उच्चाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर गुलदार को पकड़ें या नियमानुसार शूट करें. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या से निजात नहीं दिलाई गई, तो वे अपना आंदोलन और भी ज्यादा तेज कर देंगे. बढ़ते जनाक्रोश के बीच प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मचा हुआ है.
