कौन हैं कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़, जिनके बेटे ने 1500 रुपये देकर खुद पर करवाया हमला, अब पिता ने मांगी मांफी

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे और पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया कि ये हमला किसी रंजिश नहीं थी सौरभ ने ये साजिश खुद रची थी. अब पुलिस ने मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.

कौन हैं तिलक राज बेहड़?
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उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में बीते दिनों कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे और पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि सौरभ पर ये हमला  किसी रंजिश की वजह से नहीं हुई थी. ये सौरभ खुद की एक सोची समझी साजिश थी. उसने खुद ही अपने ऊपर हमला करवाया था. पुलिस ने अब इस मामले में अवैध हथियारों के साथ तीन हमलावरों और मुख्य साजिशकर्ता इंदर नारंग को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, सौरभ के पिता और कांग्रेस के विधायक तिलक राज ने बेटे की इस करतूत के लिए मांफी मांगी है और कहा कि बेटे के दोषी पाए जाने पर उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए.

क्या था मामला?

दरअसल, 18 तरीख की रात पूर्व कैबिनेट मंत्री और किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ के पुत्र और रुद्रपुर नगर निगम वार्ड के पार्षद सौरभ बेहड़ एक विवाद के समझौते के लिए ट्रांजिट कैम्प कोतवाली जा रहे थे. लेकिप इससे पहले ही आवास विकास क्षेत्र में तीन नकाबपोश हमलावरों ने सौरभराज बेहड़ पर अचानक हमला कर दिया. हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद उन्हें रुद्रपुर के नैनीताल रोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टरों  ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेता मौके पर पहुंच गए. इस बीच आवास विकास चौकी पुलिस मामले की जांच में जुट गई.

सीसीटीवी में मारपीट करते दिखे तीन युवक

इस दौरान पुलिस टीम घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए. इस बीच पुलिस को हमले से पहले का एक सीसीटीवी वीडियो मिला. इसमें  तीन युवकों ने सौरभ की स्कूटी गिराकर उनके साथ मारपीट करते दिखे. SSP मणिकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपियाें की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया.  इस दौरान जांच में अलग अलग थानों के इंस्पेक्टर और सीओ को शामिल किया गया. पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, मैनुअल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को दाेबोच लिया. इसमें बादशाह खान, दीपक और वंश नाम के आराेपियों ने नाम सामने आए. इसके साथ ही सौरभ के मित्र इदर नारंग को भी मामले में चिन्हित किया गया.

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पुलिस जांच में हुए कई खुलासे

सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. इसमें कई  चौंकाने वाले खुलासे हुए. इस दौरान पुलिस को पता चला कि सौरभ ने खुद अपने मित्र इदर नारंग को किसी परिचित से उसकी पिटाई करवाने को कहा था ताकि घर में चल रहे आपसी विवाद को कुछ समय के लिए शांत किया जा सके. इसी योजना के तहत इदर ने बादशाह खान, दीपक और वंश को बुलाकर सौरभ पर हमला करवाया. अब पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है.

सहानुभूति पाने के लिए रची साजिश

इस दौरान पूछताछ में पता चला कि सौरभ बेहड़ का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था. इसी घरेलू कलह के बीच लोगों की सहानुभूति बटोरने के लिए सौरभ ने अपने दोस्त इंदर नारंग के साथ मिलकर खुद पर हमले का प्लान बनाया. आपको बता दें कि 18 तारीख की रात को हुए इस फर्जी हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.

पिता ने मांगी सार्वजनिक माफी

अब सौरभ राज बेहड़ के मामले में उनके पिता और कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ का बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि इदर के परिवार के लोग भी आज सुबह उनसे मिलने आए थे. उन्होंने कहा कि यदि इदर समय रहते उन्हें या परिवार के किसी सदस्य को इस बारे में बता देता तो शायद यह स्थिति पैदा ही नहीं होती. उन्होंने मामले में अपनी पार्टी और सभी शुभचिंतकों से माफी मांगते हुए उनके प्रति जो सहानुभूति दिखाई और कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए उन्हें खेद है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की. विधायक ने कहा कि अगर सौरभ दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

कौन हैं तिलक राज बेहड़?

उत्तराखंड के रुद्रपुर में 1 फरवरी 1957 को जन्में तिलक राज बेहड़ अपना राजनीति सफर बीजेपी से शुरू किया था. मिडिया रिपोट्स के अनुसार वे1993 और 1996 में हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) से विधायक चुने गए. इसके बाद  2002 में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की और उसी वर्ष रुद्रपुर किच्छा क्षेत्र से विधायक बने. फिर 2007 में भी विधायक चुने गए. इस दौरान वे नारायण दत्त तिवारी सरकार में 2002 से 2007 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे. इसके साथ ही परिवहन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री तथा उत्तराखंड राज्य मंडी परिषद के चेयरमैन के रूप में भी काम किया. 2022 के चुनाव में वे एक फिर किच्छा विधानसभा से पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं.

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