टिहरी: सरकारी दावों के बीच जंगलों में सड़ रही कई टन ऊन, आखिर भेड़ पालकों की मेहनत का ये हाल क्यों? जानिए क्या है पूरा मामला
Tehri Garhwal News: टिहरी के भिलंगना क्षेत्र में भेड़ पालकों की मेहनत पर पानी फिर रहा है. पिछले तीन सालों से ऊन का कोई खरीदार न मिलने के कारण टन भर ऊन जंगलों में सड़ने को मजबूर है. हालांकि, प्रशासन की नई मशीनों और प्रसंस्करण वाली योजना से अब उम्मीद जगी है.
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स्वरोजगार के दावों के बीच जंगलों में सड़ रही ऊन
Uttarakhand Bhed Palan News: उत्तराखंड सरकार एक तरफ ग्रामीण इलाकों में पशुपालन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है. वहीं दूसरी तरफ टिहरी के सीमांत भिलंगना क्षेत्र से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है. यहां भेड़ पालकों की कड़ी मेहनत से तैयार होने वाली ऊन को बेचने के लिए बीते तीन वर्षों से कोई खरीदार नहीं मिल रहा है. सही बाजार न मिलने के कारण ग्रामीणों द्वारा निकाली गई कई टन ऊन अब जंगलों में सड़ने को मजबूर है.
