UPSC Result 2025: रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह बनीं अफसर, बिहार तक के इटरव्यू में दादा को लेकर कही ये बात 

UPSC CSE 2025 Result: बिहार के भोजपुर जिले की आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है. आकांक्षा राष्ट्रवादी किसान संगठन के बड़े नेता और रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं.

Brahmeshwar Mukhiya Granddaughter Akansha Singh
Brahmeshwar Mukhiya Granddaughter Akansha Singh

सोनू कुमार सिंह

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Brahmeshwar Mukhiya Granddaughter Akansha Singh: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार बिहार के भोजपुर जिले से एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. चर्चित किसान नेता और रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर ली है. इस बीच उनसे हमारे सहयोगी बिहार तक ने बात की है. देखिए इस बातचीत में उन्होंने क्या क्या कहा...

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दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया को बताया प्रेरणास्रोत

आकांक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया को दिया है. उन्होंने बताया कि उनके दादा हमेशा चाहते थे कि परिवार का कोई सदस्य राजनीति से हटकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े और यूपीएससी पास करे. आकांक्षा के मुताबिक, उनके दादा उन्हें गणित के कठिन फॉर्मूले सिखाते थे और 1 से 50 तक के पहाड़े (टेबल) याद करवाते थे. वह सुबह 4 बजे उठकर आकांक्षा को पढ़ाते थे और उन्हें हमेशा कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते थे.

8 से 10 घंटे तक करती थीं पढ़ाई 

अपनी UPSC की तैयारी के बारे में बात करते हुए आकांक्षा ने बताया कि वो नियमित रूप से 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं. उन्होंने अपनी सफलता में अपनी मां के योगदान को सबसे बड़ा बताया. आकांक्षा की मां सुबह 4 बजे उनके साथ जागती थीं और हर समय उनके लिए उपलब्ध रहती थीं. अपनी स्कूली शिक्षा कैथोलिक हाई स्कूल से पूरी करने और एचडी जैन कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद, आकांक्षा अगस्त 2022 में तैयारी के लिए दिल्ली चली गई थीं.

"हथियार नहीं, कलम ही असली समाधान है" - आकांक्षा के पिता

आकांक्षा की सफलता पर उनके पिता ने गर्व व्यक्त करते हुए एक बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने बहुत संघर्ष देखा है, लेकिन वह हमेशा से चाहते थे कि उनके बच्चे शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाएं. उन्होंने जोर देकर कहा कि "हथियार किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, कलम पकड़ना जरूरी है." उन्होंने बताया कि उनका बेटा भी इंजीनियरिंग कर रहा है और अब वह अपनी बहन की सफलता से प्रेरित होकर आईएएस बनने की तैयारी करेगा.

IFS बनने का है सपना, आगे भी जारी रहेगी प्रयास

आकांक्षा का सपना भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल होना है. उन्होंने बताया कि वो अपनी रैंक सुधारने के लिए आगे भी प्रयास जारी रखेंगी. उन्होंने एग्जाम की तैयारी करने वालों को संदेश देते हुए कहा कि भीड़ से डरने की जरूरत नहीं है, बस निरंतर मेहनत और बार-बार रिवीजन करते रहें. 

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