'बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत, इसलिए मिला स्वास्थ्य मंत्रालय...', JDU पर फूटा आनंद मोहन का गुस्सा, देखें वीडियो

Anand Mohan Controversial Statement: सीतामढ़ी में पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू नेतृत्व पर बड़ा हमला बोलते हुए नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर विवादित बयान दिया. 'बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत' वाले बयान के बाद बिहार की राजनीति में घमासान मच गया है, वहीं जेडीयू एमएलसी संजय सिंह ने पलटवार करते हुए आनंद मोहन को मानसिक रूप से बीमार बताया. जानिए पूरा विवाद.

Anand Mohan Controversial Statement
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आशीष अभिनव

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JDU Controversy: पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बगावती सुर अख्तियार कर लिए हैं. जेडीयू नेतृत्व से नाराज चल रहे आनंद मोहन ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. इस बयान के सामने आते ही जेडीयू ने भी आनंद मोहन पर करारा पलटवार किया है और उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया है.

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आनंद मोहन का जेडीयू नेतृत्व पर तीखा हमला

सीतामढ़ी के एक कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि बाप और बेटे को डॉक्टर की जरूरत है, इसीलिए शायद निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया है. उन्होंने जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें 'चंडाल चौकड़ी' करार दिया.

आनंद मोहन ने आरोप लगाया कि जेडीयू को खत्म करने की कवायद शुरू हो चुकी है और तीन-चार लोगों ने मिलकर पार्टी को पूरी तरह समाप्त करने का बीड़ा उठा लिया है. उन्होंने टिकटों की खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में सिर्फ टिकट ही नहीं बेचे गए, बल्कि करोड़ों रुपये में मंत्री पद भी बेचे गए हैं.

परिवारवाद और साजिश का लगाया आरोप

आनंद मोहन ने जेडीयू के भीतर परिवारवाद को लेकर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि जो लोग परिवारवाद पर हल्ला मचाते हैं, उन्होंने खुद अपने परिजनों को सेट किया है और उनके भाई को टिकट दिया है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि दादा की वेदना को सुनने वाला आज कोई नहीं है, लेकिन दादा का यह दर्द उनके षड्यंत्र को ले डूबेगा. आनंद मोहन ने इसे नीतीश कुमार का सफाया नहीं, बल्कि पिछड़ों के राज का सफाया बताया. उन्होंने जनता से कहा कि वे यहां किसी को ललकारने नहीं आए हैं, बल्कि सबको सच का आईना दिखाने आए हैं.

जेडीयू का काउंटर अटैक

आनंद मोहन के इस विवादित बयान के बाद जनता दल यूनाइटेड की तरफ से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. जेडीयू एमएलसी संजय सिंह ने आनंद मोहन पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार और निशांत कुमार के लिए आनंद मोहन से सर्टिफिकेट लेने की कोई जरूरत नहीं है. नीतीश कुमार बिहार की 14 करोड़ जनता के दिलों में बसते हैं.

संजय सिंह ने कहा कि पूरे विधानसभा चुनाव के दौरान जब बारिश हो रही थी, तब निशांत कुमार ने भीगते हुए प्रचार किया था, जबकि विपक्ष के नेता घरों में बैठे थे. उन्होंने आनंद मोहन के बयान को बेहद घटिया और निचले स्तर का बताते हुए कहा कि ऐसा बयान वही दे सकता है जो मानसिक रूप से बीमार हो. नीतीश कुमार या निशांत कुमार को नहीं, बल्कि आनंद मोहन को इलाज की जरूरत है.

पुत्र मोह में डिप्रेशन और अहसान फरामोशी का आरोप

जेडीयू एमएलसी संजय सिंह ने आनंद मोहन की नाराजगी की वजह का खुलासा करते हुए कहा कि आनंद मोहन का बेटा मंत्री नहीं बन पाया, जिसके कारण वे पुत्र मोह में पूरी तरह से डिस्परेट हो गए हैं और इसी हताशा में ऐसा बयान दे रहे हैं. संजय सिंह ने आनंद मोहन को इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें जीवन दान दिया है. अगर नीतीश कुमार नहीं होते तो महाराणा प्रताप की रैली भी नहीं होती और आनंद मोहन जेल से बाहर भी नहीं आ पाते. उन्हें जीवन भर नीतीश कुमार के प्रति अहसानमंद होना चाहिए था. 

जब संजय सिंह से चंडाल चौकड़ी के आरोप पर सवाल पूछा गया कि आनंद मोहन ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी की तरफ इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने दोबारा दोहराया कि आनंद मोहन मानसिक रूप से बीमार हैं और वे उनका इलाज कराने के लिए तैयार हैं.

जेडीयू में आनंद मोहन की स्थिति और कार्रवाई पर बयान

जब संजय सिंह से पूछा गया कि क्या जेडीयू आनंद मोहन के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी, तो उन्होंने साफ किया कि आनंद मोहन जनता दल यूनाइटेड के सदस्य ही नहीं हैं, इसलिए उन पर कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता. हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद नवीनगर से जेडीयू के टिकट पर विधायक हैं और उनकी पत्नी लवली आनंद भी जेडीयू के टिकट पर ही सांसद बनी हैं.

संजय सिंह ने कहा कि लवली आनंद और चेतन आनंद ने पार्टी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है, वे पार्टी के सम्मानित सांसद और विधायक हैं, इसलिए वे उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे.

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