नीतीश के सिपहसालार अनंत सिंह और जेडीयू में तकरार तेज, क्या पार्टी से अलग राह चुनेंगे 'छोटे सरकार'?

इन्द्र मोहन

• 07:45 PM • 07 Oct 2026

Bihar Politics: MLC चुनाव के बीच JDU विधायक अनंत सिंह और पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच तकरार खुलकर सामने आ गई है. विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है और पार्टी नेतृत्व समाधान की कोशिश में जुटा है. ऐसे में सवाल है कि क्या 'छोटे सरकार' JDU से अलग राह चुनेंगे? जानिए पूरी बात.

Anant Singh News
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बिहार की राजनीति में इन दिनों जेडीयू (JDU) के भीतर चल रहा घमासान चर्चा का विषय बना हुआ है. एमएलसी चुनाव के दौरान पार्टी के अंदर की कलह अब खुलकर सामने आने लगी है।. पार्टी के भीतर नेताओं के बीच आपसी खींचतान और बयानों के तीर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जेडीयू के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में बाहुबली नेता अनंत सिंह आ गए हैं, जिनके बयानों और राजनीतिक कदमों ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

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अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद

जेडीयू के अंदर अनंत सिंह और एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. यह मामला जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा, तो सुलह कराने की तमाम कोशिशें की गईं. राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को सौंपी. ललन सिंह ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए बात को संभालने की कोशिश की और नीरज कुमार को हिदायत भी दी, लेकिन इसके बावजूद अनंत सिंह अपनी बयानबाजी से पीछे नहीं हटे.

भविष्य की राजनीति पर टकटकी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनंत सिंह का यह रुख सिर्फ मौजूदा MLC चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले कल की राजनीति का संकेत हो सकता है. जब नीतीश कुमार दिल्ली राज्यसभा जा रहे थे, तब अनंत सिंह ने भी ऐलान किया था कि अब वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनका बेटा आगे की राजनीति संभालेगा. हालांकि, उन्होंने लोकसभा चुनाव को लेकर कोई स्पष्ट विराम नहीं लगाया है. चर्चाएं यह भी हैं कि अनंत सिंह मोकामा और मुंगेर से आगे बढ़कर नवादा जैसी भूमिहार बहुल सीट या अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं, ताकि भविष्य में अपने परिवार की राजनीतिक जमीन को और मजबूत किया जा सके.

नेताओं की नपी-तुली प्रतिक्रियाएं

इस पूरे प्रकरण पर जेडीयू के बड़े नेता फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा इस विवाद पर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए और उन्होंने चुनाव में पार्टी की जीत का दावा किया. वहीं, ललन सिंह ने बातचीत के दौरान यह भी याद दिलाया कि कैसे अविश्वास प्रस्ताव के समय अनंत सिंह ने नीतीश कुमार की सरकार का समर्थन किया था और नीतीश जी के कहने पर ही उन्होंने मोकामा से विधानसभा चुनाव लड़ा था. बहरहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू का यह आंतरिक संघर्ष आने वाले दिनों में पार्टी और अनंत सिंह के रिश्तों को किस मोड़ पर ले जाता है.

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