अनंत सिंह पर एनडीए की मीटिंग का कोई असर नहीं, नीतीश के साथ लेकिन वोट जनसुराज के अनुज कुमार के लिए मांगेंगे

इन्द्र मोहन

• 03:41 PM • 16 Oct 2026

एमएलसी चुनाव में जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार कर रहे विधायक अनंत सिंह ने कहा- नीतीश कुमार के साथ थे और रहेंगे. जानिए दोनों नेताओं के बीच पुरानी रंजिश का पूरा इतिहास.

अनंत सिंह की तस्वीर
अनंत सिंह की तस्वीर
Google CTA

बिहार विधान परिषद (MLC) की पटना स्नातक सीट को लेकर जारी जबरदस्त घमासान के बीच मोकामा से विधायक अनंत सिंह (छोटे सरकार) का एक नया और बेहद चर्चित बयान सामने आया है. जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरे अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक मंशा पूरी तरह साफ कर दी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हैं और हमेशा रहेंगे, लेकिन इस चुनाव में उनका पूरा समर्थन जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को ही जाएगा.

Read more!

नीतीश के साथ लेकिन नीरज का विरोध 

पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे चुनाव प्रचार में उतरने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जनता ही उनकी भगवान और असली मालिक है. वे जनता के बीच जाकर हाथ जोड़कर यही विनती कर रहे हैं कि अनुज जी के पक्ष में ही सारा वोट दें. जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वे नीतीश कुमार के साथ हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के दोहराया कि वे नीतीश जी के साथ पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी हरदम साथ रहेंगे. जेडीयू द्वारा बगावत पर संभावित कार्रवाई और पार्टी लाइन से अलग जाने के सवालों पर अनंत सिंह काफी बेफिक्र नजर आए. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई नहीं है और वे पार्टी में हैं तथा हमेशा पार्टी में ही रहेंगे.

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक रंजिश

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का यह विवाद सिर्फ मौजूदा एमएलसी चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दोनों नेताओं के बीच कई वर्षों से चली आ रही गहरी राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता का लंबा इतिहास रहा है. अनंत सिंह का मोकामा और आसपास के टाल क्षेत्रों में दशकों से अपना मजबूत दबदबा रहा है. वे लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आए हैं. दूसरी ओर, नीरज कुमार जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और नीतीश कुमार के बेहद करीबी रणनीतिकारों में गिने जाते हैं. पार्टी संगठन के भीतर और मोकामा क्षेत्र में अपना प्रभाव स्थापित करने को लेकर दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चलती रही है.

2025 विधानसभा चुनाव का पुराना हिसाब

अनंत सिंह का साफ तौर पर मानना है कि बीते चुनावों में जब वे चुनावी मैदान में थे, तब नीरज कुमार ने पर्दे के पीछे से उनके खिलाफ काम करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी. अनंत सिंह के मुताबिक, वे उसी पुरानी रंजिश का हिसाब चुकता कर रहे हैं. यही वजह है कि जब जेडीयू ने नीरज कुमार को पटना स्नातक सीट से अपना उम्मीदवार बनाया, तो अनंत सिंह ने खुले तौर पर जेडीयू प्रत्याशी का विरोध करते हुए जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का हाथ थाम लिया.

जेडीयू के लिए धर्मसंकट और सियासी समीकरण

अनंत सिंह का यह बगावती रुख जेडीयू और एनडीए गठबंधन के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है. एक तरफ जहां पार्टी अपने अन्य बागी नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रही है, वहीं अनंत सिंह पर हाथ डालने से कतरा रही है. मोकामा और भूमिहार बहुल इलाकों में अनंत सिंह के अपने व्यक्तिगत जनाधार को देखते हुए जेडीयू चुनाव के ऐन वक्त पर कोई बड़ा जोखिम नहीं लेना चाहती. यही कारण है कि पार्टी फिलहाल 'प्रतीक्षा करो और देखो' की नीति अपना रही है, जबकि अनंत सिंह खुलेआम अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार का गणित बिगाड़ने में जुटे हैं.

बिहार MLC चुनाव: बागियों पर एक्शन का दौर जारी, लेकिन अनंत सिंह पर JDU के 'नरम रुख' के पीछे क्या है सियासी खेल?