बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है इस चुनाव में एनडीए (NDA) को मिली हार के बाद केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने खुलकर स्वीकार किया है कि चुनाव नतीजों में गठबंधन के भीतर तालमेल की कमी स्पष्ट तौर पर दिखी.
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गठबंधन में बेहतर समन्वय की जरूरत
चिराग पासवान ने हार के कारणों का विश्लेषण करते हुए कहा, "यकीनन यहां संगठन और तमाम एलायंस के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन हो सकता था. हम अपने विषयों को जनता के सामने और बेहतर तरीके से रख सकते थे. उनका यह बयान एनडीए के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करता है, जहां सीट शेयरिंग या चुनावी रणनीति में कहीं न कहीं चूक हुई.
जेन-जी मूवमेंट का प्रभाव
इस हार को केवल एक राजनीतिक विफलता न मानते हुए, चिराग पासवान ने एक नए पहलू का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश भर में 'जेन-जी' (Gen-Z) को लेकर जो माहौल बना है, उसका असर भी इस चुनाव परिणाम में देखने को मिला है. जानकारों का मानना है कि युवाओं के बीच उभरते मुद्दों और आंदोलनों ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया है.
प्रशांत किशोर की जीत पर साधी चुप्पी
गौरतलब है कि इस चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत हुई है. हालांकि चिराग और प्रशांत किशोर के बीच व्यक्तिगत तौर पर सौहार्दपूर्ण संबंध माने जाते हैं और दोनों एक-दूसरे की तारीफ करते रहे हैं, लेकिन इस हार के बाद चिराग पासवान ने पीके का नाम लिए बिना एनडीए के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया.
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार NDA
एनडीए की इस हार को बड़े स्तर पर भाजपा या एनडीए की देशभर की छवि से जोड़कर देखे जाने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा, "एक परिणाम पूरे देश की छवि को प्रतिबिंबित नहीं करता. आने वाले उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावों में एनडीए मजबूती से सरकार बनाने जा रही है. चिराग का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे इसे एक स्थानीय सेटबैक मानते हैं और गठबंधन आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है.
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