बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को होने जा रहे उपचुनाव को लेकर राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है. इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि बांकीपुर से जन सुराज के टिकिट पर खुद प्रशांत किशोर मैदान में उतरे हैं. उनके चुनावी मैदान में होने से यह और दिलचस्प हो गया है. इसी बीच इंडिया टुडे समूह के Tak चैनल्स के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने संजय सरावगी से खास बातचीत की और इस दौरान भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी के प्रचंड जीत का दावा किया है.
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उन्होंने कहा कि साल 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार को 51 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था. इस बार के उपचुनाव में बीजेपी पहले से भी बड़े अंतर से आरजेडी को शिकस्त देगी. उन्होंने बांकीपुर को बीजेपी का एक अभूतपूर्व गढ़ बताते हुए कहा कि पूर्व विधायक नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वहां की जनता केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताने के लिए उत्सुक है और इस बार जीत का अंतर पिछली बार के रिकॉर्ड को भी पार कर जाएगा. साथ ही संजय सरावगी ने प्रशांत किशोर, बांकीपुर से बीजेपी उम्मीदवार बदले जाने समेत तमाम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.
प्रशांत किशोर की जमानत जब्त होने की कही बात
बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर की एंट्री को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय सरावगी ने तीखा तंज कसा है. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की पार्टी को पिछले चुनावों में केवल 3 प्रतिशत वोट मिले थे और उनके लगभग 98 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी. सरावगी ने दावा किया कि इस चुनाव में भी प्रशांत किशोर को अपनी जमानत बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की जमीन पर कोई पकड़ नहीं है और वह केवल सोशल मीडिया या मीडिया पोर्टल्स की चर्चाओं में बने हुए हैं. उनके अनुसार, बांकीपुर के असली मतदाता सिर्फ विकास के मुद्दे पर एनडीए को ही वोट देने वाले हैं.
टिकट बदलने के फैसले पर दी सफाई
बीजेपी द्वारा ऐन वक्त पर उम्मीदवार बदलने के फैसले पर प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने बताया कि पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार बंटी को टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कारणों से चुनाव लड़ने में असमर्थता जताते हुए अपना नाम वापस ले लिया. इसके बाद बीजेपी ने तुरंत महज एक घंटे के भीतर बूथ स्तर के एक बेहद कर्मठ और जमीनी कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया प्रत्याशी घोषित कर दिया. सरावगी के अनुसार, बूथ अध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले एक साधारण कार्यकर्ता को बांकीपुर जैसी वीआईपी सीट से लड़ाना केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक ढांचे में ही संभव है. उन्होंने नामांकन के दौरान जनता और पन्ना प्रमुखों के बीच दिखे भारी उत्साह को इसका प्रमाण बताया.
लालू राज के 'जंगलराज' और तेजस्वी यादव पर बोला हमला
संजय सरावगी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने लालू प्रसाद यादव के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय बिहार में अपराधियों को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त था और शाम 5 बजे के बाद महिलाओं का घर से निकलना मुमकिन नहीं था. सरावगी ने आरोप लगाया कि लालू राज में जब भी सत्ताधारी दल के किसी नेता के घर कोई मांगलिक कार्य होता था, तब पटना के किसी न किसी व्यापारी के घर मातम छा जाता था क्योंकि उनके शोरूम से गाड़ियां और जेवर जबरन उठा लिए जाते थे. उन्होंने दिल्ली कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया जिसमें लालू परिवार पर नौकरी के बदले जमीन लिखवाने के आपराधिक सिंडिकेट चलाने का आरोप लगाया गया है. तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यूरोप घूमने जाना था, इसलिए उन्होंने अपनी पार्टी का स्थापना दिवस भी चार दिन पहले ही मना लिया.
महिलाओं के लिए 2 लाख की योजना और किस्तों का गणित
चुनाव से पहले महिलाओं को 2 लाख रुपये देने के वादे पर उठ रहे सवालों का संजय सरावगी ने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से यह राशि सीधे एक बार में नहीं, बल्कि विभिन्न किस्तों में दी जा रही है. प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन करने वाली महिलाओं को प्रारंभिक एडवांस के तौर पर 10,000 रुपये दिए गए थे ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें. अब जैसे ही एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने वाले हैं, जिन महिलाओं ने धरातल पर काम शुरू कर दिया है, उन्हें 20,000 रुपये की दूसरी किस्त जारी कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं के काम के बजट और एस्टीमेट के हिसाब से सरकार किस्तों में 2 लाख रुपए तक की पूरी सहायता राशि प्रदान करेगी ताकि वे नौकरी मांगने वाली नहीं बल्कि दूसरों को नौकरी देने वाली बन सकें.
भरत तिवारी एनकाउंटर और शराबबंदी पर रुख किया साफ
हाल ही में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सवर्ण समाज की नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए सरावगी ने सरकार के त्वरित एक्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मात्र तीन दिनों के भीतर एक न्यायिक आयोग का गठन कर दिया और आयोग के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति ने पीड़ित परिवार से मिलकर मामले की सुनवाई भी शुरू कर दी है. सरावगी ने साफ किया कि जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन अपराधियों को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार 100 विशेष त्वरित अदालतों (स्पीडी ट्रायल) का गठन भी कर रही है. वहीं, बिहार में शराबबंदी को हटाने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि शराबबंदी एनडीए सरकार का एक सामूहिक और दृढ़ निर्णय है जिसे किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा.
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PK Exclusive Interview: 200 करोड़ की नेटवर्थ और मास्टर डिग्री विवाद पर प्रशांत किशोर का बड़ा खुलासा!
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