Bankipur Byelection: बांकीपुर में प्रशांत किशोर को BJP-RJD क्यों नहीं मान रहीं कॉम्पटीशन, आखिर किसका पलड़ा है भारी?

इन्द्र मोहन

13 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 13 2026 9:10 AM)

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है, जहां पीके बीजेपी पर उम्मीदवार बदलने का दबाव बनाने का दावा कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी और आरजेडी दोनों ही पीके को रेस से बाहर बताते हुए अपनी-अपनी प्रचंड जीत का दावा कर रही हैं.

प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर
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बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. इस सीट पर सबसे ज्यादा चर्चा जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) की हो रही है, जो खुद इस बार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने किसी सीट से खुद चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन बांकीपुर उपचुनाव में उनकी सीधी उम्मीदवारी ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है.

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हालांकि, इस सीट की सबसे बड़ी हकीकत यह है कि मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय होने के बावजूद बीजेपी (BJP) और आरजेडी (RJD), प्रशांत किशोर को अपने कंपटीशन में मानने को तैयार नहीं हैं.

प्रशांत किशोर का दावा

चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर अपनी जनसभाओं में भारी भीड़ जुटा रहे हैं और सीधे बीजेपी पर हमलावर हैं. प्रशांत किशोर का दावा है कि बांकीपुर में उनकी एंट्री के डर से ही बीजेपी ने महज 24 घंटे के भीतर अपना उम्मीदवार बदल दिया. पीके ने कहा, "यह जनता की ताकत है कि अभी मैंने नामांकन भी नहीं भरा है और बीजेपी का उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गया. लोग कहते थे कि यहां कोई भाजपा के खिलाफ खड़ा नहीं हो सकता, लेकिन आज आपकी ताकत के सामने इनका उम्मीदवार बदल गया."

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी प्रशांत किशोर के दावों को पूरी तरह खारिज कर रही है. बीजेपी ने यहां से नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सराबगी ने प्रशांत किशोर का नाम लिए बिना कहा कि मुकाबला सिर्फ आरजेडी से है. उन्होंने कहा, "बांकीपुर विधानसभा में कोई कितना भी हल्ला कर ले, पिछली बार हमने आरजेडी को 51 हजार वोटों के फासले से हराया था. इस बार हमारे प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा उससे भी ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करेंगे. नितिन नवीन जी ने बांकीपुर का कायाकल्प किया है और जनता प्रचंड बहुमत से एनडीए को वोट देगी."

RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता बोलीं

दूसरी तरफ, महागठबंधन और आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता भी प्रशांत किशोर को रेस में कहीं नहीं मानतीं. बीजेपी द्वारा उम्मीदवार बदले जाने (अभिषेक सिन्हा बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को टिकट देने) पर उन्होंने कहा कि बीजेपी पिछले 35-40 सालों से अनुकंपा की राजनीति कर रही है और जनता इनके मंसूबों को पहचान चुकी है. जब रेखा गुप्ता से पूछा गया कि क्या प्रशांत किशोर के लगातार घूमने से कोई असर पड़ेगा, तो उन्होंने साफ कहा, "कोई असर नहीं पड़ने वाला है. इस बार राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन ही जीत कर आएगी. जैसे-जैसे चुनाव प्रचार आगे बढ़ेगा, तेजस्वी यादव भी हमारे साथ जुड़ेंगे."

41.35% वोटिंग और जातिगत समीकरण बदल सकते हैं खेल

भले ही दोनों पार्टियां प्रशांत किशोर को टक्कर में न मान रही हों, लेकिन बांकीपुर का यह मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय हो चुका है. इस सीट का गणित समझने के लिए पिछले चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है:

कम मतदान प्रतिशत: 2025 के चुनाव में बांकीपुर सीट पर महज 41.35% वोटिंग हुई थी. यानी करीब 1,75,000 मतदाताओं (58% से ज्यादा) ने अपने वोटिंग राइट का इस्तेमाल ही नहीं किया. प्रशांत किशोर की नजर इसी 'साइलेंट वोटर' वर्ग पर है, जिन्हें बूथ तक लाकर पासा पलटा जा सकता है.

बीजेपी का गढ़ बनाम आरजेडी की पकड़: यह सीट पारंपरिक रूप से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है. वहीं आरजेडी की रेखा गुप्ता की जमीनी पकड़ मजबूत है और वह उसी जाति से आती हैं, जिसकी इस क्षेत्र में बहुलता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि बांकीपुर की जनता इस त्रिकोणीय मुकाबले में किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है.