बिहार के भोजपुर जिले से सामने आए भरत तिवारी के एनकाउंटर का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. एक ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार न्यायिक जांच करा रही है, तो दूसरी ओर परिजनों की तरफ से न्याय की मांग की जा रही है. इस बीच मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. अब एनकाउंटर की गुत्थी फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट सुलझाएगी. दरअसल शुरू से एक ही सवाल चल रहा है कि आखिर भरत को गोली किसने मारी थी? इस सवाल के जवाब के लिए पुलिस ने एनकाउंटर में इस्तेमाल हुए तीनों हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जांच रिपोर्ट में अब साफ होगा कि किस पिस्टल से चली गोली भरत को लगी थी और उसकी मौत हुई. वहीं बीते कल भरत का दशकर्म भी हुआ और पिता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि न्याय जरूर मिलेगा. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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फॉरेंसिक जांच के रिपोर्ट पर टिकी नजरें!
जब से भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ है तब से ही लगातार सवाल उठ रहे हैं. लोग पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे है और मामले की हर जगह चर्चा हो रही है. इस बीच जांच का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है. कोर्ट से ऑर्डर मिलने के बाद एनकाउंटर से जुड़े तीनों हथियारों और घटनास्थल से बरामद किए गए 'खोखा' को पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला(FSL) भेजा गया है. अब जांच के बाद सब साफ हो जाएगा की आखिर भरत तिवारी को जो गोली लगी है, वह किसके हथियार से चली है.
इन-इन लोगों के हथियारों की होगी जांच?
फॉरेंसिक जांच के लिए तीन लोगों हथियारों को भेजा गया है, जो कि एनकाउंटर में शामिल थे. इनमें शाहपुर थाना के सस्पेंडेड थानाध्यक्ष राजेश मालाकर की सर्विस पिस्टल, STF जवान अक्षय कुमार की सरकारी सर्विस पिस्टल और एनकाउंटर के बाद भरत भूषण तिवारी के पास से बरामद पिस्टल शामिल है. अब इन तीनों हथियारों की जांच की जाएगी. साथ ही मौके से ही मिले दो जिंदा कारतूस और दो खोखों का भी मिलान किया जाएगा. FSL की टीम इस बात का बारीकी से जांच करेगी की बरामद हुए खोखे किस पिस्टल से फायर हुए है और घटनास्थल से मिले सबूतों से मेल खाते हैं या नहीं.
रिपोर्ट में पता चलेगा-किसके बंदूक की लगी गोली!
दरअसल, भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद एक सवाल लगातार उठ रहा था कि आखिर भरत तिवारी को किसकी गोली लगी थी? अब अगर जांच रिपोर्ट साफ रिजल्ट देती है, तो इससे एनकाउंटर के दौरान हुए पूरे घटनाक्रम को समझने में काफी आसानी होगी. जांच एजेंसियां भी इसी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि आगे की जांच में यह एक महत्वपूर्ण पहलू है.
पुलिस की ओर से दर्ज FIR के अनुसार, एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने कुल पांच राउंड फायरिंग की थी. इसमें शाहपुर थानाध्यक्ष ने अपनी पिस्टल से 4 राउंड फायरिंग की, जबकि STF जवान ने चार राउंड गोलियां चलाई. वहीं पुलिस का दावा है कि भरत भूषण तिवारी ने 10 से 12 राउंड फायरिंग की थी.
खोखा और कारतूस खोलेगी पूरी कहानी
फॉरेंसिक जांच के दौरान हथियारों के साथ-साथ घटनास्थल से बरामद किए गए खोखों और कारतूसों की भी विस्तार से जांच होगी. बैलेस्टिक एक्सपर्ट हर खोखे पर मौजूद छोटे से छोटे निशानों का भी मिलान पिस्टल से करेंगी. दरअसल, एक्सपर्ट का मानना है कि हर हथियार फायरिंग के बाद खोखे पर अपनी अलग पहचान छोड़ता है और इसी आधार पर सारी बातें पता चलती है. अब वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद FSL की टीम अपनी रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों को सौंपेंगी.
17 जून को हुआ था एनकाउंटर
17 जून की सुबह भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच मुठभेड़ हुई थी. पुलिस का दावा है कि इस दौरान भरत ने उनपर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की और इसी दौरान भरत तिवारी को गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि भरत ने पहले ही बंदूक फेंक दी थी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे है.
दशकर्म में उमड़ा गांव!
बीते कल यानी रविवार को बिलौटी गांव में भरत तिवारी का हिंदू रीति-रिवाज से दशकर्म हुआ. गांव के ही पारंपरिक दशकर्म स्थल पर सुबह से लोगों पहुंचने लगे थे. धार्मिक अनुष्ठानों के बीच परिवार के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान से सभी संस्कार पूरे किए. इस दौरान सभी ने भरत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. दशकर्म के बाद भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो सरकार और संबंधित अधिकारी भी देख रहें होंगे. मुझे उम्मीद है कि जांच में पूरी सच्चाई सामने आएगी और न्या मिलेगा.
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