दिल्ली हादसे के बाद बिहार में अवैध PG और हॉस्टलों पर बड़ा क्रैकडाउन: 400 से ज्यादा अनरजिस्टर्ड हॉस्टल चिह्नित

सुजीत कुमार

• 10:58 AM • 08 Sep 2026

बिहार सरकार ने राज्य भर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे 400 से ज्यादा पीजी और हॉस्टलों की पहचान की है. गृह विभाग के निर्देश पर सभी जिलों के डीएम और एसपी को सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले हॉस्टलों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं.

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राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई की तैयारी करने वाले लाखों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार अब कड़े रुख में आ गई है. बिहार के विभिन्न शहरों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध और अनरजिस्टर्ड हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (PG) सेंटरों पर अब गाज गिरने वाली है. गृह विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त जांच में राज्य भर में ऐसे 400 से अधिक अनरजिस्टर्ड PG और हॉस्टलों की पहचान की गई है, जो बिना किसी वैध निबंधन या सुरक्षा मानकों के चलाए जा रहे थे. इस खुलासे के बाद शासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को ऐसे सेंटरों पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.

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छात्राओं की सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों जैसे पटना, कोटा-शैली में उभर रहे कोचिंग हबों और अन्य जिला मुख्यालयों में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे ये हॉस्टल छात्रों—विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे. कई बार इन अनधिकृत पीजी में सीसीटीवी कैमरों की कमी, रजिस्टर में एंट्री न होना और सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होने जैसी गंभीर खामियां पाई गईं. इसके अलावा, बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रहने वाले असामाजिक तत्वों की आशंका भी बनी रहती थी.

DM और SP को जारी हुए कड़े फरमान

  • मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग के निर्देश पर राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को विशेष अभियान चलाने को कहा गया है. प्रशासन को दिए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
  • फायर Safety और रजिस्ट्रेशन जांच: जिन हॉस्टलों ने अब तक जिला प्रशासन या नगर निगम से फायर एनओसी (NOC) और रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन्हें तुरंत नोटिस भेजा जाए.
  • पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य: हॉस्टल और पीजी में रहने वाले सभी छात्रों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों/गार्डों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा.
  • सीसीसीटीवी और सुरक्षा इंतजाम: सभी हॉस्टलों के प्रवेश और निकास द्वारों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है.
  • सीलिंग की कार्रवाई: समय सीमा के भीतर नियमों का पालन न करने वाले और अवैध रूप से संचालित हो रहे हॉस्टलों को तुरंत सील करने के आदेश दिए गए हैं.

अभिभावकों और छात्रों में राहत, संचालकों में हड़कंप

प्रशासन द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम के बाद अवैध रूप से पीजी चलाने वाले मकान मालिकों और संचालकों में हड़कंप मच गया है. दूसरी ओर, दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण इलाकों से अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए पटना या अन्य शहरों में भेजने वाले अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. अभिभावकों का कहना है कि नियमित जांच और रजिस्ट्रेशन से हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी. प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी हॉस्टल संचालक को बख्शा नहीं जाएगा.

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