साल 2024 में हुए आमचुनाव के बाद 18वीं लोकसभा का गठन हुआ था. अब इस गठन के लगभग दूसरा वित्तीय साल पूरा होने वाला है. इस दौरान सरकार देश भर के सांसदों को अपने-अपने क्षेत्र में स्कूल, सड़क, हॉस्पिटल सहित तमाम जरूरत की चीजों और सुख-सुविधाओं के विकास के लिए फंड भी दिया है. लेकिन बिहार के सांसदों की जो रिपोर्ट कार्ड आई है, वह काफी हैरान करने वाली है. 40 सांसदों की लिस्ट में 6 ऐसे नेता मिले है जिन्होंने विकास कार्य के लिए एक रुपया भी खर्च नहीं किया है. साथ ही 6 में से 5 नेता को एनडीए के ही है. ऐसे में अब कई तरह से सवाल उठने लगे है. आइए विस्तार से समझते हैं पूरी बात और जानते हैं किन-किन नेताओं ने नहीं किया है खर्च?
ADVERTISEMENT
MPLADS के तहत मिलते है फंड
सांसदों के नाम जानने से पहले जानते हैं कितना मिलता है पैसा और इसकी प्रक्रिया? तो देश भर के सांसदों को MPLADS(Members of Parliament Local Area Development Scheme) के तहत हर साल 5 करोड़ रुपए मिलते है. यानी 5 साल में लगभग 25 करोड़ रुपए. अब बिहार में कुल 40 लोकसभा सांसद है. यानी कि बिहार के सांसदों को 5 साल में लगभग 1000 करोड़ रुपए विकास कार्य के लिए मिलते है.
अभी तक 2 साल में हर एक सांसद को विकास कार्यों के लिए ₹9 करोड़ 80 लाख मिल चुके हैं. लेकिन बिहार के कुल सांसदों ने सिर्फ 137 करोड़ 69 लाख रुपए ही खर्च किए है और 394 करोड़ 46 लाख के विकास कार्यों को मंजूरी मिली है. इस हिसाब से खर्चे के लिहाज से बिहार काफी पीछे है.
बिहार के किस पार्टी के कितने सांसद?
बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटों में सबसे ज्यादा सांसद बीजेपी और जदयू के है. बीजेपी और जदयू के 12, लोजपा(आर) के 5, राजद के 4, कांग्रसे के 3 , सीपीआई (एमएल) के 2, हम के 1 और अन्य के 1 सांसद है.
सांसदों ने खर्च नहीं किया एक रुपया
बिहार के 40 सांसदों से 6 सांसदों ने विकास कार्य के लिए अपने फंड से एक रुपए भी खर्च नहीं किया है. इस लिस्ट में सबसे पहला नाम राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती का है. मीसा भारती पाटलिपुत्र सीट से सांसद है और उन्होंने इन दो सालों में ना ही विकास कार्य के लिए एक रुपया खर्च किया है और ना ही किसी योजना का प्रस्ताव भी दिया है. मीसा भारती के अलावा और 5 सांसद एनडीए के है, जिनमें बीजेपी के 3 और जदयू-लोजपा(R) के एक-एक सांसद है.
बीजेपी के किन-किन सांसदों का नाम?
बीजेपी के 3 सांसदों में पहला नाम सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी का है. राजीव प्रताप रूडी ने भी मीसा भारती की तरह ही ना तो एक रुपया खर्च किया है और ना ही किसी विकास योजना का प्रस्ताव दिया है. इनके अलावा पश्चिम चंपारण से सांसद संजय जायसवाल और नवादा के सांसद विवेक ठाकुर इस लिस्ट में शामिल है.
जदयू-लोजपा(R) के सांसद
जदयू से जिस नेता का नाम सामने आया है वो कोई और नहीं बल्कि नीतीश कुमार के राइट हैंड और जदयू के कर्ता-धर्ता कहने जाने वाले ललन सिंह का है. राजवी रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुंगेर से सांसद है और उन्होंने भी एक रुपया खर्च नहीं किया है. वहीं चिराग पासवान की पार्टी लोजपा(R) से शांभवी चौधरी का नाम सामने आया है. शांभवी जदयू नेता अशोक चौधरी की बेटी और समस्तीपुर से सांसद है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि इन 6 में से कई नेता ऐसा है जो कि पार्टी में एक बड़ा पोजिशन होल्ड करते है और जनता से रूबरू भी करते है, लेकिन उन्होंने MP फंड से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है. हालांकि कई नेता ऐसे भी हैं जिन्होंने इस फंड का लगातार इस्तेमाल भी कर रहे है.
इन आंकड़ों से क्या समझ आता है?
अब एक सवाल आता है कि इन आंकड़ों को जानकर क्या समझा जाए? तो इन आंकड़ों से एक बात को यह निकलकर सामने आती है कि सरकार पैसा विकास कार्यों के लिए दे रही और उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा यानी विकास कार्य नहीं हो रहे. इलाकों के लोगों के लिए नई सड़कें, स्कूल और हॉस्पिटलों में बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही है. इन आंकड़ों ने सांसदों और सरकार पर कई तरह के सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
यह खबर भी पढ़ें: यादवों को ही लेकर ये क्या कहने लगे जहानाबाद से राजद सांसद सुरेंद्र यादव, वीडियो हो गया वायरल
ADVERTISEMENT

