बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने एक बार फिर पूरे देश में कीर्तिमान स्थापित करते हुए मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम मार्च महीने में ही जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग के माननीय मंत्री द्वारा घोषित इस रिजल्ट में न केवल छात्रों की सफलता का जश्न है, बल्कि राज्य सरकार की ओर से मेधावी छात्रों के लिए भारी इनामों की घोषणा भी की गई है. इस वर्ष बिहार बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा है.
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टॉपर्स को मिलेंगे लाखों के इनाम
बिहार सरकार ने इस बार टॉपर्स को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना कर दिया है. बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषणा की कि:
- प्रथम स्थान (Rank 1): 1 लाख के स्थान पर अब 2 लाख रुपये, एक लैपटॉप, मेडल और प्रशस्ति पत्र.
- द्वितीय स्थान (Rank 2): 1.5 लाख रुपये, एक लैपटॉप, मेडल और प्रशस्ति पत्र.
- तृतीय स्थान (Rank 3): 1 लाख रुपये, एक लैपटॉप, मेडल और प्रशस्ति पत्र.
- चतुर्थ से दसवें स्थान तक (Rank 4 to 10): 10,000 रुपये, लैपटॉप, मेडल और प्रशस्ति पत्र.
संयुक्त रूप से दो छात्राएं स्टेट टॉपर
इस साल के रिजल्ट में बेटियों का दबदबा देखने को मिला है. दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है:
- पुष्पांजलि कुमारी (सिमतला आवासीय विद्यालय, जमुई) - 492 अंक (98.4%)
- सबरीन परवीन (उच्च माध्यमिक विद्यालय चौराही, वैशाली) - 492 अंक (98.4%)
वहीं, बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना 489 अंकों (97.8%) के साथ राज्य में दूसरे स्थान पर रहीं. तीसरे स्थान पर बक्सर की अनुपा कुमारी और बेगूसराय के ओमकार कुमार ने 488 अंकों के साथ कब्जा जमाया.
परीक्षा परिणाम के मुख्य आंकड़े
- कुल परीक्षार्थी: 15,10,928
- उत्तीर्ण विद्यार्थी: 12,35,743 (81.79%)
- प्रथम श्रेणी (1st Division): 4,43,723
- द्वितीय श्रेणी (2nd Division): 4,60,751
- तृतीय श्रेणी (3rd Division): 3,31,031
- टॉप 10 में कुल छात्र: 149
फेल होने वाले छात्रों के लिए विशेष मौका
जो छात्र इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. बिहार बोर्ड ने उनके लिए 1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक स्क्रूटनी और विशेष सह-पूरक परीक्षा (Compartmental Exam) के लिए आवेदन की खिड़की खोल दी है. बोर्ड का लक्ष्य मई माह में ही सप्लीमेंट्री का रिजल्ट देना है ताकि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो.
बिहार बोर्ड लगातार मार्च में रिजल्ट जारी करने वाला देश का पहला बोर्ड बना हुआ है. इसके लिए आधुनिक तकनीक और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया जिससे मूल्यांकन केंद्रों से सीधे अंकों की प्रविष्टि सुनिश्चित की गई.
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