पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नए कैबिनेट को लेकर संभावित मंत्रियों की लिस्ट भी सामने आने लगी है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और अन्य सहयोगी दलों के कोटे से बनने वाले मंत्रियों के नामों पर लगभग सहमति बन गई है. माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार कुछ नए प्रयोग कर सकती है और नए चेहरों को मौका दे सकती है.
ADVERTISEMENT
बीजेपी कोटे से संभावित मंत्रियों के नाम
भारतीय जनता पार्टी के कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित चेहरों में कई दिग्गज और कुछ नए नाम चर्चा में हैं. सूत्रों के अनुसार दिलीप जायसवाल, विजय सिन्हा और रामकृपाल यादव जैसे अनुभवी नेताओं का मंत्री बनना तय है. इनके अलावा श्रेयासी सिंह, लखेंद्र पासवान और रमा निषाद के नाम भी रेस में आगे चल रहे हैं. साथ ही प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर और संगीता कुमारी के नामों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. बेगूसराय से रजनीश कुमार का नाम भी संभावितों की सूची में शामिल है. बीजेपी नेतृत्व बंगाल और असम की जीत से उत्साहित है, ऐसे में बिहार में भी चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं.
जेडीयू कोटे से पुराने चेहरों पर भरोसा
जनता दल यूनाइटेड की बात करें तो पार्टी अपने पुराने और अनुभवी मंत्रियों पर ही फिर से भरोसा जताती नजर आ रही है. संभावित लिस्ट के मुताबिक, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, अशोक चौधरी और जमा खान एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. इनके साथ ही शीला मंडल, सुनील कुमार, मदन सहनी और रतेश सदा के भी कैबिनेट में रिपीट होने की प्रबल संभावना है. भगवान सिंह कुशवाहा और जयंत राज के नाम भी चर्चाओं में बने हुए हैं. जेडीयू में अब निशांत कुमार के नेतृत्व का युग शुरू हो चुका है, ऐसे में पार्टी कुछ ऐसे चेहरों को भी ला सकती है जो भविष्य की राजनीति के लिए अहम साबित हों.
सहयोगी दलों की हिस्सेदारी और समीकरण
महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों को भी नई कैबिनेट में उचित प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है. चिराग पासवान की पार्टी LJPR के कोटे से संजय पासवान और पूर्व मंत्री संजय सिंह के नामों की चर्चा है. वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM से उनके बेटे संतोष सुमन एक बार फिर मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM के कोटे से दीपक प्रकाश के नाम की चर्चा है, हालांकि वह वर्तमान में किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. यह संभावित फॉर्मूला एनडीए के भीतर सीटों और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
नए प्रयोग और भविष्य की रणनीति
इस बार के कैबिनेट विस्तार में सबसे खास बात भारतीय जनता पार्टी का नया प्रयोग हो सकती है. बीजेपी आलाकमान का मानना है कि राज्यों में मिली हालिया जीत के बाद पार्टी को नए और युवा चेहरों को आगे लाना चाहिए. सूत्रों का कहना है कि संभावित लिस्ट में से कुछ नाम बेहद चौंकाने वाले हो सकते हैं, जिन पर पार्टी अंतिम मुहर लगा सकती है. बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावों को देखते हुए सम्राट चौधरी अपनी टीम में अनुभव और जोश का तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे. अब देखना दिलचस्प होगा कि जब आधिकारिक सूची आएगी, तो उनमें से कितने नामों पर अंतिम मुहर लगती है.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


