बिहार लव-कुश सम्मान समारोह: सीएम सम्राट चौधरी ने दिया 'पांच पांडव' का मंत्र, उपेंद्र कुशवाहा बोले- 'एक हैं तो सेफ हैं'

पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों की बड़ी झलक देखने को मिली. उपेंद्र कुशवाहा ने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया, वहीं सीएम सम्राट चौधरी ने एनडीए के पांच दलों को 'पांच पांडव' बताते हुए चुनावी आंकड़ों के जरिए एकता की ताकत समझाई.

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पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों की बड़ी झलक देखने को मिली. उपेंद्र कुशवाहा ने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया, वहीं सीएम सम्राट चौधरी ने एनडीए के पांच दलों को 'पांच पांडव' बताते हुए चुनावी आंकड़ों के जरिए एकता की ताकत समझाई.

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पटना में आयोजित हुआ लव-कुश सम्मान समारोह

राजधानी पटना के बापू सभागार में लव-कुश सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के सामाजिक समीकरण और गठबंधन की राजनीति दोनों की स्पष्ट झलक देखने को मिली. इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र लव-कुश (कुर्मी-कुशवाहा) समाज की एकता और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना था. मंच से बिहार की शिक्षा, संस्कृति, विरासत और राज्य के विकास को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई.

उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान: 'एक हैं तो सेफ हैं'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने समाज को एकजुट रहने का कड़ा संदेश दिया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'हम एक हैं तो सेफ हैं, बंटेंगे तो कटेंगे' कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि समाज को बांटने की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देना चाहिए. यदि कभी कोई मतभेद सामने आए भी, तो आपसी तकरार के बजाय बातचीत के जरिए उसका समाधान निकालना ही समझदारी है. उन्होंने लोगों से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की अपील की.

सम्राट चौधरी ने दिया 'पांच पांडव' का सियासी मंत्र

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच संभालते हुए अपनी बात को सीधे चुनावी नतीजों और आंकड़ों के साथ रखा. उन्होंने याद दिलाया कि साल 2010 में जब सभी दल मिलकर लड़े थे, तब जनता ने 206 सीटें झोली में डाल दी थीं, जबकि 2020 में रास्ते अलग होने पर आंकड़ा 127 सीटों पर सिमट गया था. इसके विपरीत, 2025 में जब पांचों दल एक बार फिर साथ आए, तो आंकड़ा दोबारा 200 के पार पहुंच गया. इन आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), आरएलएम (RLM) और 'हम' (HAM) जैसे पांच सहयोगी दलों की तुलना 'पांच पांडवों' से की.

निशांत कुमार ने गिनाए बिहार के बदलाव

कार्यक्रम के दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने अपने पिता के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में किस प्रकार बिहार की बुनियादी तस्वीर और विकास का परिदृश्य पूरी तरह बदला है. 'विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक' की थीम पर सजे इस मंच पर युवाओं के सम्मान के साथ-साथ राज्य की प्रगति पर भी विशेष जोर दिया गया.

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