बिहार की राजनीति में इन दिनों एक मुलाकात की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है. सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके कंधे पर हाथ रखा हुआ है. हालांकि, पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं की इस सामान्य मुलाकात के पीछे की वजह कुछ और ही बताई जा रही है. राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को आगामी एमएलसी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जो ठीक दो महीने बाद होने वाले हैं. इन चुनावों में आठ सीटों पर स्नातक और शिक्षकों के एमएलसी के लिए मतदान होना है.
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पटना स्नातक सीट पर फंसा पेंच और जेडीयू की मुश्किलें
इन सभी सीटों में सबसे ज्यादा विवाद पटना स्नातक सीट को लेकर बना हुआ है. जेडीयू ने इस सीट से नीरज कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह बागी हो गए और उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार को समर्थन देने की घोषणा कर दी है. दूसरी ओर, आरजेडी ने इस सीट से दीपक को मैदान में उतारा है. जेडीयू के सामने सबसे बड़ा डर यह है कि नीरज कुमार और निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार दोनों ही भूमिहार जाति से ताल्लुक रखते हैं. ऐसे में अगर भूमिहार वोटों का बंटवारा होता है, तो इसका सीधा फायदा तीसरे यानी विपक्षी उम्मीदवार को मिल सकता है.
सुलह की कोशिशें और पुराना सियासी हिसाब-किताब
इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए जेडीयू ने एक बैठक भी बुलाई थी, जिसमें अनंत सिंह और नीरज कुमार को एक ही टेबल पर बिठाकर बातचीत कराई गई, लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया. अनंत सिंह ने एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि वह डॉ. अनुज कुमार का ही समर्थन करेंगे. उनका तर्क है कि पिछले चुनावों में नीरज कुमार ने उनका समर्थन नहीं किया था, इसलिए वह इस बार उनका साथ क्यों दें.
जानकारों का कहना है कि नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच का यह विवाद नया नहीं है, बल्कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान भी इनके बीच तकरार देखने को मिली थी. विधानसभा चुनाव में नीरज कुमार द्वारा समर्थन न मिलने की टीस अब अनंत सिंह के बगावती बयानों में साफ झलक रही है.
डैमेज कंट्रोल में जुटे नीतीश कुमार और ललन सिंह
चूंकि ललन सिंह भी उसी लोकसभा क्षेत्र से आते हैं जिसके अंतर्गत यह एमएलसी चुनाव होना है, इसलिए उनकी इस मामले में भूमिका अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात के दौरान एमएलसी चुनाव के इस विवाद और अनंत सिंह की बगावत पर भी गंभीर चर्चा हुई है. पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझाया गया, तो जेडीयू के हाथ से एक महत्वपूर्ण एमएलसी का पद निकल सकता है. कहा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद ललन सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अनंत सिंह को मनाएं और उन्हें पार्टी हित में काम करने के लिए राजी करें. हालांकि, बंद कमरे में हुई इस बातचीत का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल हो रही इस तस्वीर के सियासी मायने बहुत गहरे हैं.
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