जन सुराज प्रत्याशी के नामांकन में शामिल हुए जेडीयू विधायक अनंत सिंह, पार्टी कार्यालय के सामने से निकला काफिला, देखें वीडियो

शशि भूषण कुमार

• 02:06 PM • 01 Oct 2026

Anant Singh MLC Election: JDU विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में उतर गए हैं. नामांकन में पहुंचे अनंत सिंह और पार्टी कार्यालय के सामने से गुजरे काफिले का वीडियो चर्चा में हैं. जानिए पूरा मामला.

Anant Singh MLC Election Video
जनसुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन के काफिले में दिखें अनंत सिंह(फोटो- स्क्रीनग्रैब)
Google CTA

बिहार में विधान परिषद यानी MLC चुनाव को लेकर माहौल काफी गरम है. राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज करने के पीछे कोई और नहीं बल्कि बाहुबली विधायक अनंत सिंह है. MLC चुनाव से पहले उन्होंने अपनी ही पार्टी जदयू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे की पार्टी के अंदर घमासान मच गया है. मोकामा से जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व के आदेशों को खुली चुनौती देते हुए बगावत का बिगुल फूंक दिया था और अब वे जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में नामांकन में पहुंचे है. विस्तार से जानिए पूरी बात.

Read more!

जदयू कार्यालय के सामने से गुजरा काफिला, शामिल रहे अनंत सिंह

इस राजनीतिक बगावत का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला नजारा उस वक्त देखने को मिला, जब जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह अपना नामांकन दाखिल करने के लिए निकल रहे थे. अनुज सिंह का समर्थकों के साथ काफिला सीधे तौर पर प्रदेश जदयू कार्यालय के ठीक सामने से गुजरा. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि इस काफिले में खुद जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह भी मौजूद थे। पार्टी ऑफिस के सामने से विरोधी दल के उम्मीदवार के साथ जदयू विधायक का गुजरना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है.

नीरज कुमार के खिलाफ नाराजगी और पार्टी नेतृत्व पर दबाव

पटना स्नातक निर्वाचन सीट से जदयू ने अपने सबसे मुखर और वरिष्ठ नेताओं में शुमार मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार को मैदान में उतारा है. पार्टी को उम्मीद थी कि वह इस सीट पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन विधायक अनंत सिंह का उनके खिलाफ खुलकर मैदान में उतरना जदयू के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है. अनंत सिंह का यह कदम न केवल पार्टी के आंतरिक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि स्थानीय समीकरणों और व्यक्तिगत संबंधों के आगे पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी बेअसर साबित हो रहा है.

राजनीतिक हलकों में तेज हुई सुगबुगाहट

इस हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम के बाद से बिहार की राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ गई है. एक तरफ जहां जदयू नेतृत्व इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है, वहीं विरोधी दल भी इसे सत्ताधारी पार्टी के भीतर की अंदरूनी कलह और कमज़ोर होती पकड़ के रूप में देख रहे हैं. आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि पार्टी अनुशासनहीनता के इस मामले में अनंत सिंह के खिलाफ क्या कड़ा कदम उठाती है या फिर इस बगावत को नजरअंदाज किया जाता है.

Bihar MLC Election: नीतीश कुमार के लिए बड़ी मुसीबत बने अनंत सिंह! जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा, अब क्या करेंगे ?