India Today–C Voter Mood of the Nation Survey: देश के सबसे भरोसेमंद मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं. इसमें बिहार को लेकर कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. सर्वे के आंकड़ाें के अनुसार कांग्रेस को बड़ा झटका लगता दिख रहा है. वहीं एनडीए का जादू अभी भी कायम है. आपको बता दें कि ये सर्वे इंडिया टुडे और C वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' ने किया है. इस पोल को 8 दिसंबर, 2025 से 21 जनवरी, 2026 के बीच किया गया था.
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कांग्रेस और आरजेडी को तगड़ा झटका
MOTN के इस सर्वे में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा कांग्रेस को लेकर आया है. बिहार में कांग्रेस के फिलहाल 3 सांसद हैं और पप्पू यादव का भी समर्थन प्राप्त है लेकिन सर्वे के मुताबिक अगर आज वोट पड़े तो कांग्रेस शून्य पर सिमट सकती है. पार्टी को अपनी सभी मौजूदा सीटें गंवानी पड़ सकती हैं. वहीं आंकड़ों में आरजेडी को भी निराशा हाथ लग रही है. आरजेडी को 3 सीटों का घाटा होता दिख रहा है और वो लेफ्ट के साथ मिलकर महज 2 सीटों के आसपास सिमट सकती है.
एनडीए को हो रहा है सीटों का फायदा
सर्वे के मुताबिक, बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से एनडीए के खाते में 37 से 39 सीटें जाने का अनुमान है. इसका मतलब है कि विपक्षी गठबंधन के पास केवल 1 से 3 सीटें ही बचती नजर आ रही हैं. बीजेपी के लिए यह सर्वे काफी सुखद है क्योंकि उसे पिछली बार के मुकाबले 5 सीटों का फायदा होता दिख रहा है.
बीजेपी और जेडीयू गठबंधन की स्थिति
सर्वे के अनुसार अगर आज चुनाव हुए तो बीजेपी को सर्वे में बीजेपी को अकेले 17 सीटें मिलने की बात कही गई है. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और चिराग पासवान की एलजेपी के गठबंधन को मिलाकर 21 सीटें मिलने का अनुमान है.
वोट शेयर में एनडीए की भारी बढ़त
वहीं, अगर वोट प्रतिशत के मामले में भी एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच एक बड़ी खाई नजर आ रही है. सर्वे के अनुसार एनडीए को बिहार में करीब 53.3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. इसके मुकाबले विपक्षी इंडिया गठबंधन को केवल 34.7 प्रतिशत वोट पड़ते दिख रहे हैं. अन्य उम्मीदवारों या दलों के खाते में 12 प्रतिशत वोट जाने की संभावना जताई गई है.
सर्वे का तरीका और सैंपल साइज
यह सर्वे 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 के बीच किया गया है. सी-वोटर ने इसमें देशभर की सभी लोकसभा सीटों को कवर किया है. कुल 1 लाख 25 हजार 979 लोगों की राय के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर 3 से 5 प्रतिशत तक हो सकता है.
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