NEET पेपर लीक विवाद और अभ्यर्थियों के जारी विरोध-प्रदर्शन ने अब पूरे बिहार में बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है. राजधानी पटना समेत राज्य के अलग-अलग जिलों में छात्रों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए मुख्यालय ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं.
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बिना इजाजत नहीं छोड़ सकेंगे स्टेशन
पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी निर्देशों के मुताबिक, राज्य के सभी जिलों के एसपी (SP), एसएसपी (SSP) और वरिष्ठ अधिकारियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है. किसी भी आपात स्थिति या उग्र प्रदर्शन से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश हैं. साथ साथ, सख्त हिदायत दी गई है कि कोई भी अधिकारी या जवान बिना पूर्व अनुमति के अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा.
क्यों बढ़ी प्रशासन की चिंता?
विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक-राजनीतिक समूहों की ओर से राज्यभर के शहरों, प्रखंडों और मोहल्लों में नुक्कड़ प्रदर्शन और घेराव की चेतावनी दी गई है. खुफिया इनपुट के अनुसार, आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन और अधिक उग्र रूप ले सकता है. इसी वजह से संवेदनशील इलाकों, विश्वविद्यालय परिसरों, समाहरणालय और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है.
पटना, बेगूसराय और दरभंगा में बिगड़े थे हालात
बीते दिनों पटना के गांधी मैदान और डाकबंगला इलाके से लेकर बेगूसराय, कटिहार और दरभंगा तक में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़पें देखने को मिलीं. कई स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. पथराव की घटनाओं में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा.
सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े छात्र
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्रों और संगठनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक NEET पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा. CJP की तरफ से इस आंदोलन को जारी रखने की बात कही गई है.
सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त
देशभर में चल रहे विभिन्न मुद्दों और आंदोलनों के बीच 26 दिनों से लगातार अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन तोड़ दिया है. सरकार की ओर से 3 मुख्य मांगों पर सहमति बनने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक विशेष वीडियो जारी कर देशवासियों को संबोधित किया और शांति, संवाद और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का भरोसा दिलाया. राष्ट्रीय स्तर पर सरकार के इस रुख और वार्ता की पहल के बाद माना जा रहा है कि छात्रों के आंदोलनों के मुद्दों को सुलझाने के लिए भी सरकार सकारात्मक कदम उठा सकती है.
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