राजधानी पटना का गांधी मैदान और आसपास का इलाका शनिवार को छावनी में तब्दील नजर आया. छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े युवा जैसे ही गांधी मैदान के आसपास जुट रहे थे, पुलिस उन्हें फौरन हिरासत में लेकर मौके से हटाती दिखी.
ADVERTISEMENT
तेजप्रताप यादव को पुलिस ने लिया हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान आरजेडी नेता तेजप्रताप यादव भी छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे. हालांकि, पुलिस ने उन्हें एग्जिबिशन रोड के पास से हिरासत में ले लिया. पुलिस गाड़ी में बैठते वक्त तेजप्रताप ने मीडिया से कहा, "हम अपने देश के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. उनके हक की लड़ाई के लिए हम मर-मिटने को भी तैयार हैं."
शांतिपूर्ण मार्च पर हुआ लाठीचार्ज
गांधी मैदान के पास मौजूद एक 10वीं की छात्रा ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए. उसने बताया, "हम लोग बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस को यह बर्दाश्त नहीं हुआ. हमें पहले गेट के बाहर किया गया और फिर पीछे से दौड़ा-दौड़कर लाठियां बरसाई गईं. पुलिस ने यह भी नहीं देखा कि सामने नाबालिग बच्चा है, कोई लड़का है या लड़की. हम तो बस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं."
डाकबंगला चौराहे पर बिगड़े हालात
प्रदर्शन की आंच पटना के प्रसिद्ध डाकबंगला चौराहे तक भी पहुंच गई. यहां बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया. माहौल बिगड़ता देख पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने उपद्रव कर रहे छात्रों को खदेड़ने के लिए जमकर लाठियां भांजी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
मोना सिनेमा बंद, सड़कों पर पैनी नजर
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है. गांधी मैदान के पास स्थित मोना सिनेमा को भी एहतियातन बंद करा दिया गया है. सड़कों पर कहीं भी छात्रों को समूह बनाकर खड़े नहीं होने दिया जा रहा.
क्यों सख्त है प्रशासन?
दरअसल, बीते 22 जुलाई को पटना में हुए हंगामे को लेकर प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने स्पष्ट किया था कि पिछली हिंसा में बाहर से आए उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है और उन पर कड़ी कार्रवाई हो रही है. इसी के मद्देनजर आज के बंद को देखते हुए पूरे शहर में धारा-144 जैसी सख्ती बरती जा रही है. अब देखना ये होगा कि प्रशासन की इस कड़ाई के बीच छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन आगे क्या मोड़ लेता है और इस बंद को आम लोगों का कितना समर्थन मिलता है.
ये भी पढ़ें: राहुल गांधी का सरकार पर करारा हमला, "सब कुछ बंद कर दिया, बस पेपर लीक बंद नहीं कर पाए"
ADVERTISEMENT


