बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बिहार पुलिस ने अपराधियों को कड़ा जवाब दिया है. पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य के दो अलग-अलग जिलों में दो बड़े एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें कुख्यात अपराधियों को ढेर कर दिया गया. इन मुठभेड़ों ने साफ कर दिया है कि बिहार में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है. पुलिस की इस सक्रियता के बाद प्रदेश में खौफ फैला रहे बदमाशों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे या तो अपराध छोड़ दें या फिर बिहार छोड़ दें.
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भागलपुर और सिवान में अपराधियों का अंत
सबसे पहली बड़ी कार्रवाई भागलपुर में देखने को मिली, जहां नगर परिषद के भीतर घुसकर उत्पात मचाने वाले कुख्यात अपराधी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया. रामधनी यादव एक हिस्ट्रीशीटर था और उपसभापति का पति भी था, जिसका इलाके में काफी आतंक था. वहीं, दूसरी घटना सिवान की है, जहां एक भाजपा नेता के भांजे की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया. इन दोनों ही मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जीरो टॉलरेंस और फ्री हैंड
बिहार में कानून का राज स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़े तेवर अपना लिए हैं. पदभार संभालने के बाद अपनी पहली समीक्षा बैठक में ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधियों के साथ कोई साठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पुलिस को फ्री हैंड देते हुए कहा है कि अगर अपराधी पुलिस पर गोली चलाएंगे, तो पुलिस की बंदूकें भी खामोश नहीं रहेंगी. सम्राट चौधरी का लक्ष्य है कि जीरो टॉलरेंस की नीति सिर्फ कागजों पर न रहे, बल्कि जमीन पर भी नजर आए.
पुलिस की एनकाउंटर थ्योरी से अपराधियों में खौफ
भागलपुर की घटना में जब पुलिस हत्यारे रामधनी यादव को पकड़ने की कोशिश कर रही थी, तब उसने सीधा पुलिस टीम पर हमला कर दिया. जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई और अपराधी मारा गया. पुलिस की इस एनकाउंटर थ्योरी ने अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा कर दिया है. सरकार और एनडीए नेताओं का कहना है कि यह नई सरकार है और पुलिस के काम करने का तरीका भी नया है, जहां अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
लॉ एंड ऑर्डर पर विपक्ष और जनता को मिला जवाब
पिछले कुछ समय से बिहार में लूट, मर्डर और चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के साथ-साथ आम जनता भी सरकार पर सवाल उठा रही थी. लोगों का मानना था कि नीतीश कुमार के जाने के बाद व्यवस्था चरमरा रही है, लेकिन 24 घंटे में हुए इन दो एनकाउंटर्स ने इन आशंकाओं पर विराम लगा दिया है. पुलिस अब न केवल अपराध रोकने में सक्रिय है, बल्कि अपराधियों को चिन्हित कर उन पर नकेल कसने में भी जुटी है. इस बदली हुई कार्यशैली ने जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करने की कोशिश की है.
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