नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं से बिहार की राजनीति में उबाल, फूट-फूटकर रोने JDU के नेता

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं से जेडीयू कार्यकर्ता बेहद भावुक हैं और इसे जनता के भरोसे के साथ विश्वासघात बता रहे हैं. पटना में प्रदर्शन कर रहे समर्थकों का कहना है कि उन्होंने नीतीश जी के नाम पर वोट मांगा था इसलिए उन्हें बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाना चाहिए.

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अनिकेत कुमार

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Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर पिछले कुछ दिनों से खबरें आ रही हैं कि वे बिहार की बागडोर छोड़ राज्यसभा जा सकते हैं. इस खबर ने न केवल विपक्ष बल्कि उनकी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी झकझोर कर रख दिया है. Bihar Tak की रिपोर्ट के अनुसार, पटना की सड़कों पर जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा और भावुकता साफ देखी जा रही है. 

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जनता और कार्यकर्ता रो रहे हैं

रिपोर्ट के दौरान जेडीयू नेता और कार्यकर्ता मीडिया के सामने ही फूट-फूटकर रोने लगे. एक भावुक कार्यकर्ता ने कहा, "नीतीश कुमार के जाने की खबर से बिहार की जनता रो रही है. हमने घर-घर जाकर नीतीश जी के नाम पर वोट मांगा था, किसी और के लिए नहीं."  

कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला उन हजारों समर्थकों के साथ 'धोखेबाजी' है जिन्होंने दिन-रात एक करके पार्टी के लिए लाठियां खाई हैं. 

फैसलों पर उठाए सवाल

कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से राय क्यों नहीं ली गई. कार्यकर्ताओं ने कहा, "वोट हम मांगने जाते हैं, मार हम खाते हैं और निर्णय कोई और ले रहा है. नीतीश कुमार नहीं रहेंगे तो हम लोग क्या करेंगे?" 

स्वास्थ्य की खबरों को किया खारिज

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के पीछे उनके खराब स्वास्थ्य की अटकलों को भी कार्यकर्ताओं ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके राज्यसभा जाने का फैसला जनता की भावनाओं के खिलाफ है. कार्यकर्ताओं की मांग है कि नीतीश कुमार को बिहार में ही रहकर नेतृत्व करना चाहिए, क्योंकि राज्य की जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना है. 

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