बिहार में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार सुर्खियों में बने हुए है. इसी बीच अब राज्य सरकार ने समाजिक रूप से पिछड़े वर्ग अनुसूचित जाति(एससी) और अनूसूचित जनजाति(एसटी) के छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है. नीतीश सरकार ने डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाले मासिक छात्रवृति(स्कॉलरशिप) को दोगुना करने का प्रपोजल तैयार किया है. इस प्रस्ताव के तहत अब छात्रों के हर महीने 1000 रुपए की जगह 2000 रुपए दिए जाएंगे. विस्तार से समझिए पूरी बात.
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कैबिनेट से स्वीकृति के बाद होगा लागू
मिली जानकारी के मुताबिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने इस काम के लिए एक औपचारिक प्रपोजल तैयार किया है. इसे जल्द ही राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भी भेजा जाएगा. जैसे ही छात्रवृति दोगुनी करने वाले इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिलती है उसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा.
10 हजार छात्रों को होगा सीधा फायदा
राज्य सरकार के इस प्रस्ताव से राज्य के लगभग 10 हजार छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा, जो कि अलग-अलग डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास में रह रहें है. फिलहाल राज्य में 139 ऐसे हॉस्टल चलाए जा रहे है, जहां एससी-एसटी वर्ग के स्टूडेंट्स को रहने की सुविधा मिलती है और वहीं से अपनी पढ़ाई करते है.
आपको बता दें कि डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास में छात्रों को फ्री में रहने के साथ-साथ और भी कई सुविधाएं मुहैया कराई जाती है. इसमें डिजिटल क्लासेस, लाइब्रेरी और मंथली स्कॉलरशिप शामिल है. इसके अलावा स्टूडेंट्स को हर महीने 15 किलो अन्न भी दिया जाता है, जिसमें 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं शामिल है.
पहले भी बढ़ी है स्कॉलरशिप
यह पहली बार नहीं है जब स्कॉलरशिप बढ़ाया जा रहा है. विभाग इससे पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप बढ़ा चुका है. इसी कड़ी में अब छात्रावास में रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह कदम उठाया गया ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ जीवन-यापन करने में भी आर्थिक मदद मिल सकें. स्कॉलरशिप दोगुना कर सरकार इन वर्ग के बच्चों का आर्थिक भार कम करना चाहती है ताकि वह अपने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकें और आगे अच्छी जिंदगी जी सकें.
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