बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई है. वहीं आवास के बाहर बड़ी संख्या में जेडीयू कार्यकर्ता जमा हैं और अपने नेता के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं.
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जनता ने मुख्यमंत्री रहने का मैंडेट दिया है
प्रदर्शन कर रहे जेडीयू के पटना जिला अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को साल 2025 से 2030 तक मुख्यमंत्री रहने का जनादेश (मैंडेट) दिया है. कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जब जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना है, तो वे अपनी मर्जी से या किसी के दबाव में दिल्ली कैसे जा सकते हैं.
पार्टी के भीतर 'गद्दारों' पर हमला
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के भीतर साजिश की बात कही. एक कार्यकर्ता ने कैमरे पर सीधे तौर पर आरोप लगाया कि, "पार्टी में कुछ गद्दार लोग मिलकर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की साजिश कर रहे हैं." उन्होंने साफ चेतावनी दी कि वे किसी भी सूरत में नीतीश कुमार को इस्तीफा नहीं देने देंगे और जरूरत पड़ी तो चक्का जाम करेंगे.
दिल्ली विदाई पर अड़े कार्यकर्ता
जेडीयू कार्यकर्ताओं का मानना है कि नीतीश कुमार को बिहार से विदा नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री पर कोई 'अनावश्यक दबाव' डाल रहा है, तो कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं और उन्हें गलत निर्णय नहीं लेने देंगे. कार्यकर्ताओं की मांग है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रहें और बिहार के विकास को आगे बढ़ाते रहें.
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