बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में चलाए गए SIR और भारत निर्वाचन आयोग पर चल रहे विवाद को लेकर विपक्ष पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर चुनाव के दौरान राजनीतिक पर्यटन (पॉलिटिकल टूरिज्म) करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष बिना किसी तथ्य के संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है.
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बिहार में SIR प्रक्रिया और आंकड़े
सम्राट चौधरी ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के आंकड़े साझा करते हुए बताया:
- 2003 का पुनरीक्षण: 2003 में जब श्रीमती राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं, तब बिहार में SIR के तहत 4 करोड़ 96 लाख मतदाता अधिसूचित हुए थे.
- 2025 का SIR अभियान: 24 जून 2025 से 25 जुलाई 2025 तक चले अभियान के दौरान शुरुआत में बिहार में लगभग 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 मतदाता थे.
- अंतिम ड्राफ्ट सूची: 30 सितंबर 2025 को जारी फाइनल ड्राफ्ट में कुल 7 करोड़ 42 लाख वैध मतदाताओं की पहचान की गई.
- हटाए गए फर्जी/मृत नाम: पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर जाकर किए गए सत्यापन में करीब 22 लाख 34 हजार मृतक, 36 लाख 28 हजार स्थानांतरित लोग और लगभग 7 लाख ऐसे लोग पाए गए जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे. कुल मिलाकर 60 लाख से अधिक फर्जी या दोहराए गए नाम सूची से हटाए गए.
'एक भी पात्र व्यक्ति का नाम कटने का प्रमाण नहीं दे सका विपक्ष'
राहुल गांधी द्वारा नवादा, औरंगाबाद और राघोपुर के कुछ मामलों का मुद्दा उठाए जाने पर सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासन और चुनाव आयोग ने जांच कर स्पष्ट कर दिया था कि उन सभी व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में मौजूद हैं. उन्होंने कहा, 'पूरे विपक्ष और राहुल गांधी-तेजस्वी यादव की जोड़ी बिहार में एक भी ऐसा 18 वर्ष से अधिक उम्र का प्रामाणिक नागरिक नहीं खड़ा कर सकी, जिसका नाम गलती से काट दिया गया हो. विपक्ष केवल राजनीति करने और दिल्ली में खाना खिलाने का नाटक कर रहा था.'
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए सम्राट चौधरी ने अतीत के उदाहरण दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को राज्यसभा सदस्य और केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया. पूर्व चुनाव आयुक्त को गवर्नर बनाया गया और टी.एन. शेषन को वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ चुनाव में उतारा गया. उन्होंने कहा कि जो पार्टी खुद संवैधानिक पदों का राजनीतिक लाभ लेती रही, उसे आज लोकतंत्र पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
विकास कार्यों का दिया ब्यौरा
सम्राट चौधरी ने केंद्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यों का ब्यौरा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और बिहार तेजी से प्रगति कर रहा है. देश में 4 करोड़ से अधिक और अकेले बिहार में 2014 के बाद से 50 लाख से अधिक गरीबों को पक्के मकान दिए जा चुके हैं. राज्य को आगे के लिए 11 लाख और पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं. उन्होंने अंत में दोहराया कि नेता प्रतिपक्ष चाहे केंद्र के हों या राज्य के, उन्हें तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए. सरकार हर वैध मुद्दे का जवाब देने के लिए सदैव तत्पर है.
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