बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की बल्ले-बल्ले, 10 लाख व्यूज पर मिलेंगे 1 लाख रुपये

न्यूज तक डेस्क

• 11:28 AM • 20 Aug 2026

बिहार सरकार ने सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी है. सरकारी योजनाओं से जुड़े कंटेंट बनाने वाले एम्पैनल क्रिएटर्स को व्यूज के आधार पर भुगतान मिलेगा. 1 लाख व्यूज पर अधिकतम 10 हजार और 10 लाख व्यूज पर 1 लाख रुपये मिल सकते हैं. भुगतान के लिए पात्रता और सत्यापन जरूरी होगा.

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बिहार में सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है. अब सरकारी योजनाओं और सरकार के काम से जुड़े कंटेंट पर अच्छे व्यूज आने पर क्रिएटर्स को पैसे मिल सकते हैं. बिहार कैबिनेट ने सोशल मीडिया नीति में बदलाव को मंजूरी दे दी है.

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10 लाख व्यूज पर मिल सकते हैं 1 लाख रुपये

नई व्यवस्था के तहत सरकार से सूचीबद्ध यानी एम्पैनल क्रिएटर्स को व्यूज के आधार पर भुगतान किया जाएगा. 1 लाख व्यूज पर अधिकतम 10 हजार रुपये तक दिए जा सकते हैं. इसी हिसाब से 10 लाख व्यूज वाले कंटेंट पर अधिकतम 1 लाख रुपये मिल सकते हैं. हालांकि, सिर्फ वीडियो वायरल होने से पैसे नहीं मिलेंगे. इसके लिए सरकार की कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी.

हर वायरल वीडियो पर नहीं मिलेगा पैसा

सरकार कंटेंट की गुणवत्ता और व्यूज की जांच करेगी. इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कंटेंट किस प्लेटफॉर्म पर डाला गया है और वह सरकार के तय नियमों के अनुसार है या नहीं. व्यूज का आधिकारिक सत्यापन भी जरूरी होगा. अंतिम भुगतान सरकार की तय प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा.

पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन

इस योजना का फायदा लेने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के जरिए एम्पैनल होना होगा. व्यक्तिगत क्रिएटर्स के साथ पंजीकृत कंपनियां भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकती हैं. बिना अनुमति या एम्पैनलमेंट के बनाए गए सामान्य सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो पर इस योजना के तहत भुगतान नहीं मिलेगा.

कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में सड़क, सिंचाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सहकारिता से जुड़े कई फैसले लिए गए.

कैबिनेट ने बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी. यह एक्सप्रेसवे अरवल, जहानाबाद, नालंदा और जमुई समेत कई जिलों से होकर गुजरेगा.

यह एक्सप्रेसवे एक्सेस कंट्रोल्ड होगा. इसे PPP मॉडल के तहत बनाया जाएगा. इसके निर्माण की जिम्मेदारी BSRDCL के माध्यम से पूरी की जाएगी.

बिहार सरकार के इस फैसले से सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने वाले क्रिएटर्स को नया अवसर मिल सकता है. हालांकि, भुगतान पाने के लिए सरकार के सभी नियमों और जरूरी प्रक्रिया को पूरा करना होगा.
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