Bihar News: बिहार की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर यादव को केंद्र सरकार ने एक बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया है.
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नंद किशोर यादव का राजनीतिक करियर बेहद शानदार रहा है. वे पटना साहिब विधानसभा सीट से लगातार सात बार विधायक रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने बिहार सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है और वे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं.
टिकट कटने के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उनका टिकट काटकर उनकी जगह रितेश कुशवाहा को मैदान में उतारा था. तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी इस अनुभवी नेता को किसी बड़ी भूमिका में देख रही है. अब राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है.
नियुक्ति पर क्या बोले नंद किशोर यादव?
राज्यपाल नियुक्त होने के बाद नंद किशोर यादव ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, "नागालैंड एक समृद्ध सांस्कृतिक और सीमावर्ती क्षेत्र है. मैं संवैधानिक मर्यादा के भीतर रहकर राज्य के विकास के लिए अपनी भूमिका निभाऊंगा".
बिहार को भी मिला नया राज्यपाल
इस फेरबदल के तहत केवल नागालैंड ही नहीं बल्कि बिहार को भी नया राज्यपाल मिला है. पूर्व सैन्य अधिकारी सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. हसनैन भारतीय सेना में करीब चार दशक तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं और जम्मू-कश्मीर में काउंटर टेरर ऑपरेशंस के लिए जाने जाते हैं.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई नेताओं ने नंद किशोर यादव को इस नई पारी के लिए बधाई दी है.
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