बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों तेजी से बदल रहा है और 29 मार्च को भी इसका असर साफ तौर पर देखने को मिलेगा. पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के एक साथ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अब धीरे-धीरे कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन आज के दिन तक इसका असर बना रहेगा, जिससे लोगों को एक ओर जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा.
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तापमान में गिरावट, कई जगह बदला मौसम!
पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला. कई जिलों में आंशिक से घने बादल छाए रहे, वहीं कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गईं. इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा और दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली. रात के न्यूनतम तापमान में भी 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई, जिससे सुबह-शाम का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा.
आज कैसा रहेगा मौसम?
29 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण-पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है. दिन के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे वातावरण में ठंडक और राहत का अहसास होगा.
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 29 मार्च के बाद मौसम में धीरे-धीरे स्थिरता आने लगेगी. 30 मार्च से 2 अप्रैल के बीच राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि शुरुआती एक-दो दिन तक कुछ स्थानों पर हल्के बादल बने रह सकते हैं. इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी और अप्रैल की शुरुआत के साथ गर्मी धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगेगी.
किसानों और आम लोगों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं जान-माल के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं. ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने और खुले मैदानों में न जाने की सलाह दी गई है. वाहन चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि तेज हवा और बारिश से दृश्यता प्रभावित हो सकती है. वहीं किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करने से बचें.
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