बिहार में डिजिटल क्रांति! 'बिहार वन' प्रोजेक्ट के लिए CIPL के साथ करार, जुलाई 2026 से घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं

BiharOne project: बिहार में डिजिटल क्रांति की बड़ी शुरुआत हुई है. CIPL के साथ 'BiharOne' प्रोजेक्ट के तहत जुलाई 2026 से घर बैठे मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं. जानिए 87 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट से कैसे खत्म होंगी लंबी कतारें और कैसे बदलेगा डिजिटल गवर्नेंस का चेहरा.

BiharOne project
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संजय शर्मा

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बिहार अपनी समृद्ध विरासत और ज्ञान की परंपरा को अब डिजिटल भविष्य के साथ जोड़ने के लिए तैयार है. राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए 'बिहार वन' (BiharOne) परियोजना की शुरुआत की है. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए बिहार सरकार और नोएडा स्थित देश की दिग्गज आईटी कंपनी कॉरपोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIPL) के बीच पटना के बेल्ट्रॉन भवन में एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं.

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87 करोड़ का प्रोजेक्ट, जुलाई में होगा 'गो-लाइव'

बिहार सरकार ने इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सीआईपीएल (CIPL) को सौंपी है, जिसे 87 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है. समझौते के तहत, यह प्रोजेक्ट इसी साल जुलाई 2026 में 'गो-लाइव' यानी पूरी तरह शुरू हो जाएगा. इस पहल के साथ ही बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां विकास कार्यों के सभी ठेके और सरकारी सेवाएं 'बिहार वन' जैसे एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होंगी.

लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति, घर बैठे होंगे काम

'बिहार वन' परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाना है. इस एकीकृत प्लेटफॉर्म के आने से:

  • अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही लंबी कतारों में लगना पड़ेगा.
     
  • जो काम पहले दिनों या हफ्तों में होते थे, वे अब पारदर्शिता के साथ कुछ ही समय में पूरे हो सकेंगे.
     
  • किसान अपने खेत से ही योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और छात्रों को बिना देरी के प्रमाण पत्र मिल सकेंगे.

स्थानीय भाषा में चैटबोट की सुविधा

प्रोजेक्ट को बेहद सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है. इसमें बिहार कॉमन सोशल रजिस्ट्री का एकीकरण किया गया है, ताकि लोगों को बार-बार अपनी जानकारी न देनी पड़े. साथ ही, आम लोगों की मदद के लिए स्थानीय भाषा में चैटबोट की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे तकनीक का उपयोग करना और भी आसान हो जाएगा.

पटना बनेगा डिजिटल हब

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से पटना पूर्वी भारत में डिजिटल परिवर्तन के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है. CIPL ने यहां एक आधुनिक डेवलपमेंट सेंटर भी स्थापित किया है, जो शहर को तकनीक और नवाचार का हब बना रहा है. इंडिया एआई समिट में हुए समझौते के बाद जिस गति से इस पर काम शुरू हुआ है, वह सरकार की जमीन पर बदलाव लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. सरकार ने 'बिहार वन' को ई-गवर्नेंस और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक 'बड़ी छलांग' बताया है, जो तकनीक के माध्यम से जीवन को सरल, तेज और अधिक पारदर्शी बनाएगा.

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