बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार की दो खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन और शिवेश राम को अपना उम्मीदवार बनाया है. नितिन नवीन का नाम तो तय माना जा रहा था, लेकिन शिवेश राम की उम्मीदवारी ने सबको चौंका दिया है. इस फैसले के पीछे बीजेपी की एक बड़ी सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.
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पवन सिंह का पत्ता कटा, शिवेश राम पर बढ़ा भरोसा
राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन से पहले राजनीतिक गलियारों में भोजपुरी स्टार पवन सिंह के नाम को लेकर भी काफी अटकलें लगाई जा रही थीं. चर्चा थी कि पार्टी उन्हें उच्च सदन भेजकर हालिया राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर सकती है. हालांकि, बीजेपी आलाकमान ने अंतिम निर्णय में शिवेश राम के नाम पर मुहर लगाकर यह साफ कर दिया कि पार्टी फिलहाल सांगठनिक अनुभव और कैडर आधारित राजनीति को अधिक प्राथमिकता दे रही है.
कौन हैं शिवेश राम?
शिवेश राम बिहार बीजेपी का एक जाना-पहचाना और सुलझा हुआ चेहरा हैं. उन्हें राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता स्व. मुनि लाल बीजेपी के कद्दावर नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके थे. मुनि लाल सासाराम से तीन बार सांसद रहे और एक पूर्व आईएएस अधिकारी भी थे. शिवेश राम की शुरुआती पढ़ाई रांची में हुई, जहां वे विज्ञान के छात्र रहे. विवादों से दूर और सौम्य स्वभाव के धनी शिवेश राम वर्तमान में बीजेपी के प्रदेश महामंत्री के पद पर कार्यरत हैं.
राजनीतिक सफर: अगीआंव से विधायक तक का सफर
शिवेश राम का राजनीतिक करियर जमीनी स्तर से शुरू हुआ. उन्होंने 2010 में भोजपुर जिले की सुरक्षित सीट अगीआंव से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे. 2010 से 2015 तक विधायक रहने के दौरान उन्होंने इलाके में अपनी गहरी पैठ बनाई. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें सासाराम (SC) सीट से छेदी पासवान का टिकट काटकर मैदान में उतारा था, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हार के बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और अब उन्हें देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है.
सामाजिक और रणनीतिक समीकरण
बीजेपी का यह कदम बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है:
दलित कार्ड: शिवेश राम अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं. उन्हें राज्यसभा भेजकर बीजेपी दलित वोट बैंक, विशेषकर सासाराम और भोजपुर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है.
संगठन को तरजीह: नितिन नवीन और शिवेश राम दोनों ही संगठन के प्रति समर्पित रहे हैं. बीजेपी ने पुराने और वफादार चेहरों पर दांव लगाकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है.
निर्विरोध निर्वाचन की पूरी संभावना
बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्याबल को देखते हुए बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों नितिन नवीन और शिवेश राम का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय है. बीजेपी के पास अपने दोनों प्रत्याशियों को जिताने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन प्राप्त है. ऐसे में माना जा रहा है कि इनका निर्वाचन निर्विरोध संपन्न हो जाएगा. शिवेश राम की इस पदोन्नति ने यह साबित कर दिया है कि बीजेपी अब 'ग्लैमर' के बजाय 'जमीनी पकड़' और 'पारिवारिक निष्ठा' को अधिक महत्व दे रही है.
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