बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए संघर्ष केवल किताबों तक सीमित नहीं होता, कभी-कभी उन्हें अपनी सबसे अनमोल चीज, अपनी मोहब्बत की भी कुर्बानी देनी पड़ती है. ऐसी ही एक दर्दभरी दास्तां सामने आई है बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थी अमन की, जिनका 11 साल पुराना रिश्ता बीपीएससी आंदोलन और बेरोजगारी की भेंट चढ़ गया. आइए विस्तार से जानते हैं अमन ने बिहार तक से खास बातचीत में क्या कुछ कहा.
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जेल जाने के बाद बदला प्रेमिका का बर्ताव
अमन बताते हैं कि वे और उनकी प्रेमिका 11 साल तक रिलेशनशिप में रहे. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जब वे बीपीएससी पेपर लीक और अन्य सुधारों को लेकर हुए आंदोलन में सक्रिय हुए, तो चीजें बदलने लगीं. उनकी प्रेमिका को उनका आंदोलनों में जाना पसंद नहीं था. हद तो तब हो गई जब अमन को आंदोलन के दौरान जेल जाना पड़ा. अमन के मुताबिक, जेल से आने के बाद उनकी प्रेमिका ने उनसे बात करना बंद कर दिया. शायद उन्हें लगा कि अब यह अपराधी बन गया है और जीवन में कुछ नहीं कर पाएगा.
शिक्षिका बनी अफसर, प्रेमी अब भी संघर्षरत
एक तरफ जहां आंदोलन और जेल के चक्कर में अमन पीछे रह गए, वहीं उनकी प्रेमिका ने सफलता हासिल कर ली. वह बीपीएससी टीआरई-2 (BPSC TRE-2) में चयनित होकर शिक्षिका बन चुकी हैं और हाल ही में उनकी शादी भी हो गई है. अमन आज भी उसी 10/10 के कमरे में अपने साथियों के साथ रहकर संघर्ष कर रहे हैं. अमन का कहना है कि उन्होंने अपनी मोहब्बत को बहुत शिद्दत से चाहा था, लेकिन बेरोजगारी ने सब छीन लिया.
'शिक्षिका मैडम' के नाम लिखी भावुक कविता
अपनी पूर्व प्रेमिका के सफल होने और शादी के बंधन में बंधने पर अमन ने एक भावुक कविता 'शिक्षिका मैडम' भी लिखी है. उन्होंने अपनी पंक्तियों के जरिए उन्हें नए जीवन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह समाज में एक अच्छी शिक्षिका बनकर दिखाएं. अमन की आंखों में आंसू थे जब उन्होंने कहा कि पटना की ऐसी कोई गली नहीं है जहां उनकी यादें न बसी हों, इसलिए अब उन्होंने उन रास्तों पर जाना ही छोड़ दिया है.
युवाओं को संदेश: लक्ष्यों को दें प्राथमिकता
अपनी आपबीती सुनाते हुए अमन ने अन्य युवाओं को एक बड़ी सीख दी. उन्होंने कहा कि प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन अपने लक्ष्यों और समय को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है. अमन के शब्दों में, 'अगर आप अपने लक्ष्यों से भटकते हैं, तो आपका सबसे अच्छा हमसफर भी समय आने पर आपका साथ छोड़ सकता है.' अमन आज भी हार नहीं माने हैं. उन्होंने दो बार बीपीएससी मेंस लिखा है और इस बार भी उनका प्रारंभिक परीक्षा में चयन हुआ है.
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