पुल के अभाव में टूटी सांसें: बिरनी के हमले से घायल महिला की खाट पर नदी पार करने के दौरान बिगड़ी तबीयत, देवघर में मौत

इन्द्र मोहन

• 02:04 PM • 02 Sep 2026

An ambulance could not reach Donihar village under the Jaipur police station area due to the absence of a bridge. A woman injured in a bear attack had to be carried across the river on a cot; she later died while undergoing treatment in Deoghar.

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बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र स्थित दोनिहर गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने एक बार फिर एक जिंदगी छीन ली. नदी पर पुल न होने और समय पर एंबुलेंस न पहुंच पाने के कारण 55 वर्षीय रुक्मिणी देवी की इलाज में हुई देरी की वजह से मौत हो गई. मृतका गांव के ही मुखिया यादव की पत्नी थीं. इस हृदयविदारक घटना के बाद जहां पीड़ित परिवार और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है.

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महिला पर अचानक हुआ बिरनी का हमला

यह खौफनाक वारदात उस वक्त शुरू हुई जब रुक्मिणी देवी मंगलवार को अपने घर के समीप स्थित झाड़ियों से नीम की दातुन तोड़ने गई थीं. इसी दौरान झाड़ियों में छिपे सैकड़ों बिरनी (मधुमक्खियों/ततैया) के झुंड ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. डंक के दर्द से तड़पती महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन आक्रामक बिरनियों ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की. काफी जद्दोजहद और मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को उन जहरीले कीटों के चंगुल से बाहर निकाला.

उफान मारती नदी रास्ते में नहीं पहुंची एंबुलेंस 

महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने तुरंत 102 नंबर डायल कर सरकारी एंबुलेंस को सूचना दी. एंबुलेंस अस्पताल से रवाना भी हुई, लेकिन गांव और मुख्य सड़क के बीच बहती उफान मारती नदी रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन गई. नदी पर पुल न होने और पानी का बहाव तेज होने के कारण एंबुलेंस गांव के दूसरे छोर पर ही थम गई. लाचार परिजनों और ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए तड़पती हुई महिला को खाट (चारपाई) पर लिटाया और अपने कंधों पर उठाकर डेढ़ किलोमीटर का पैदल सफर तय करते हुए किसी तरह उफनती नदी को पार कराया.

महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में गुस्सा 

नदी पार कराने के बाद महिला को करीब 15 किलोमीटर दूर कटोरिया रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए देवघर रेफर कर दिया. परिजन तुरंत उन्हें देवघर सदर अस्पताल ले गए, लेकिन समय पर प्राथमिक चिकित्सा न मिलने और शरीर में जहर फैलने के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. 5 हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव के लोगों का कहना है कि पुल न होने से पहले भी कई लोग असमय जान गंवा चुके हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नदी पर पुल बनाने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और की जान इस तरह न जाए.