बंद दरवाजा और गायब आरोपी... NEET छात्रा मौत के मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में पहुंची CID ने क्या देखा?

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा से दरिंदगी के मामले की जांच अब CID ने संभाल ली है और FSL रिपोर्ट में स्पर्म मिलने से पुलिस के पुराने दावे गलत साबित हुए हैं.

शंभू गर्ल्स के हॉस्टल में पहुंची CID
शंभू गर्ल्स के हॉस्टल में पहुंची CID

राजेश कुमार झा

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बिहार की राजधानी पटना के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अब जांच की कमान सीआईडी (CID) ने संभाल ली है. रविवार यानी 25 जनवरी को सीआईडी और एफएसएल (FSL) की टीम भारी पुलिस बल के साथ हॉस्टल पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया. इस बीच एफएसएल की रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि के बाद पुलिसिया दावों की पोल खुल गई है जो अब तक इस मामले को केवल आत्महत्या या दवा के ओवरडोज का रूप देने की कोशिश कर रही थी.

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सीआईडी और एफएसएल की ग्राउंड रिपोर्ट

जांच टीम का नेतृत्व एफएसएल डायरेक्टर विपिन कुमार चौधरी ने किया. टीम ने हॉस्टल के उस कमरे और रास्तों की बारीकी से जांच की जहां यह वारदात हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्टल के जिस तीसरे गेट को लेकर विवाद था, उस पर अब ताला लटका मिला है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी गेट से आरोपी मनीष कुमार के परिवार वालों को खाने-पीने का सामान पहुंचाया जाता था और सीसीटीवी कैमरों की कमी का फायदा उठाकर आरोपी पक्ष का आना-जाना लगा रहता था. 

परिजनों का फूटा गुस्सा

हॉस्टल में अपनी बेटियों का सामान लेने पहुंचे अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया. वैशाली से आए एक अभिभावक बालेश्वर राव ने प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 'खाकी और खादी' (पुलिस और नेता) की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा कांड संभव नहीं है. उन्होंने सरकार के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बेटियां सुरक्षित ही नहीं हैं, तो उन्हें पढ़ाकर क्या होगा.

छात्राएं छोड़ रही हैं हॉस्टल

इस घटना के बाद हॉस्टल में रह रही छात्राओं के बीच दहशत का माहौल है. छात्रा वंदना और उजाला ने बताया कि अब वे यहां सुरक्षित महसूस नहीं करतीं और परीक्षा का समय होने के बावजूद उन्हें डर के साये में हॉस्टल छोड़ना पड़ रहा है. छात्राओं की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए. 

दो थानेदार सस्पेंड, अब जांच पर नजर

लापरवाही और साक्ष्यों को नजरअंदाज करने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाना प्रभारी हेमंत झा को सस्पेंड कर दिया गया है.  पुलिस अब तक यह कहती रही थी कि छात्रा ने नींद की दवाइयां खाई थीं लेकिन मेडिकल साक्ष्यों ने केस की दिशा बदल दी है. अब सीआईडी इस बात की जांच कर रही है कि घटना के पीछे और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं. 

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