दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से इस बार मुकाबला कड़ा है. जन सुराज ने डॉ. सुरेश प्रसाद राय को अपना उम्मीदवार बनाया है. भाजपा छोड़कर जन सुराज में शामिल हुए राय इससे पहले भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. अब जन सुराज के टिकट पर उन्होंने एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है.
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शिक्षक की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए
डॉ. सुरेश प्रसाद राय का कहना है कि उन्होंने शिक्षक की नौकरी छोड़कर शिक्षकों की समस्याओं को करीब से समझने और उनके लिए काम करने का रास्ता चुना. उनके मुताबिक, 2011 में नौकरी छोड़ने के बाद से वह लगातार शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय हैं. वह बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और विश्वविद्यालय की संस्थागत गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं. शिक्षक राजनीति में उनकी सक्रियता का असर पहले भी चुनावी मैदान में दिखाई दे चुका है.
2014 और 2020 में भी चुनाव लड़ चुके हैं
सुरेश प्रसाद राय इससे पहले दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं. 2020 के चुनाव में वह भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और डॉ. मदन मोहन झा के सामने चुनाव लड़ा था. आधिकारिक चुनाव रिकॉर्ड में 2020 के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों की सूची में सुरेश प्रसाद राय और मदन मोहन झा दोनों के नाम दर्ज हैं. अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं. राय भाजपा छोड़कर जन सुराज में शामिल हो चुके हैं और सितंबर 2026 में जन सुराज ने उन्हें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया है.
जन सुराज के टिकट पर क्या है दावा?
उम्मीदवार बनाए जाने के बाद डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने शिक्षकों के बीच अपने लंबे जुड़ाव को चुनावी आधार बताया है. उनका कहना है कि वह लगातार शिक्षकों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं और इस बार भी शिक्षक एवं वित्त रहित शिक्षकों का समर्थन उन्हें मिलेगा. राय ने अपने चुनावी दावे में कहा है कि शिक्षकों के मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहने का फायदा उन्हें मिलेगा. उन्होंने चुनाव में अपनी जीत को लेकर भी भरोसा जताया है. यह उनका राजनीतिक दावा है. चुनावी नतीजा मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा.
मदन मोहन झा से फिर मुकाबले की तस्वीर
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा वर्तमान विधान परिषद सदस्य हैं. बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सदस्य दर्ज करती है. सुरेश प्रसाद राय अपने इंटरव्यू में मदन मोहन झा की शिक्षक राजनीति पर सवाल उठाते हैं. उनका आरोप है कि झा ने शिक्षकों के हित में वह काम नहीं किया, जिसकी उनसे अपेक्षा थी. दूसरी ओर, यह राय का राजनीतिक आरोप है और इसे उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. राय का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद भी उनका मुख्य फोकस शिक्षकों की समस्याओं पर रहेगा और शिक्षक हित से जुड़े आंदोलनों को आगे बढ़ाया जाएगा.
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज की एंट्री
जन सुराज ने इस बार बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति के तहत उम्मीदवार घोषित किए हैं. पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट से एसपी राय, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव, सारण शिक्षक से अफाक अहमद, पटना शिक्षक से दिव्या ज्योति और कोसी स्नातक से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है. दरभंगा शिक्षक सीट पर सुरेश प्रसाद राय की उम्मीदवारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पहले इसी चुनावी क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं. अब पार्टी बदलने के बाद वह नए राजनीतिक मंच से उसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं.
शिक्षकों के मुद्दे होंगे चुनाव का केंद्र
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है. यहां शिक्षक मतदाताओं की भूमिका सीधे तौर पर महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में उम्मीदवारों के लिए शिक्षक हित, सेवा शर्तें, वेतन, नियुक्ति, पेंशन और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रह सकते हैं. डॉ. सुरेश प्रसाद राय का कहना है कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उनका संघर्ष चुनाव के बाद भी जारी रहेगा. अब देखना होगा कि लंबे समय से शिक्षक राजनीति में सक्रिय रहने का उनका दावा और जन सुराज का नया राजनीतिक मंच इस चुनाव में उनके लिए किस तरह का समर्थन जुटाता है.
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