बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद से ही महागठबंधन खेमे में उथल-पुथल मची हुई है. बीते दिनों तो महागठबंधन के दो मजबूत स्तंभ कांग्रेस और राजद की आंतरिक कलह भी सामने आई थी, जब दोनों ही पार्टी के नेताओं ने एक-दूसरे को बोझ बता दिया था. राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एक बड़ा बयान देते हुए तो यहां तक कह दिया था कि बिहार में कांग्रेस को राजद के दम पर ही कुछ सीटें मिलती है. इसी बीच अब बीते कल यानी शु्क्रवार को दिल्ली में बिहार कांग्रेस नेताओं की एक मीटिंग हुई, जिसमें सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस को राजद से अलग होना ही होगा. आइए विस्तार से जानते हैं इस मीटिंग में क्या-कुछ हुआ?
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राजद बनाम कांग्रेस की लड़ाई
चुनाव के बाद से ही दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है. वहीं कांग्रेस बहुत ही लंबे समय से बिहार में अपने दम पर खड़े होने की कोशिश भी कर रही है, लेकिन अभी तक यह कोशिश सफल नहीं हो पाई है. इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस नेता शकील अहमद ने राजद के साथ गठबंधन को घाटे का सौदा बताया और यहां तक कह दिया कि बिहार में महागठबंधन केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है.
पप्पू यादव के बयान ने मचाई हलचल
इसी बीच बीते कल यानी शुक्रवार(23 जनवरी) को दिल्ली में बिहार कांग्रेस नेताओं की एक मीटिंग हुई. इस मीटिंग में नए चुने हुए नेता समेत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व जैसे राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत कई लोग शामिल हुए थे. इसी मीटिंग में सांसद पप्पू यादव ने भी खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि, कांग्रेस को अगर बिहार में खुद को मजबूत करना है तो उसे राजद से अलग होना होगा.
नेताओं ने रोडमैप को लेकर की चर्चा
वहीं राहुल गांधी ने बैठक ने कहा है कि बिहार में कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी और उन्हें जमीन पर आकर मेहनत करनी पड़ेगी. तब ही जाकर पार्टी खुद के दम पर खड़ी हो सकती है और इसलिए रोडमैप तैयार करने की भी काफी जरूरत है. वहीं तारिक अनवर ने कहा कि जिम्मेदारी तय की भी काफी जरूरत है.
पार्टी छोड़ देंगे नव-निर्वाचित विधायक?
इस मीटिंग ने उन चर्चाओं पर भी विराम लगा दिया जिसमें कहा जा रहा था कि पार्टी के सारे 6 नव-निर्वाचित विधायक कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब पार्टी ने सारे विषयों पर बात कर ली है और अब ऐसी कोई गुंजाइश नहीं है.
पप्पू यादव क्यों हो गए थे नाराज?
बैठक खत्म होने के बाद के.सी. वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा, 'बाजार में ऐसी अफवाहें उड़ाई जा रही थीं कि कांग्रेस के विधायक पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं, लेकिन आज की बैठक में हमारे सभी विधायक मौजूद थे. ये सारी बातें पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत हैं. कांग्रेस को लेकर जो भी खबरें चल रही हैं, उनमें कोई दम नहीं है.'
वहीं दूसरी ओर, सूत्रों का कहना है कि सांसद पप्पू यादव पहले मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पहुंचे थे, लेकिन लिस्ट में नाम न होने की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ा. हालांकि, बाद में कांग्रेस नेताओं से बातचीत हुई और वे दोबारा खड़गे के आवास पर बुलाई गई बैठक में शामिल होने पहुंचे.
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