बिहार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों से लैस करने के लिए विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने 'गूगल फॉर एजुकेशन' (Google for Education) के साथ समझौता किया है. इस करार के तहत राज्य के सभी 84 राजकीय तकनीकी संस्थानों (38 इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान) के शिक्षकों को मुफ्त में एआई प्रशिक्षण और गूगल वर्कस्पेस की सुविधा प्रदान की जाएगी.
ADVERTISEMENT
इसी पहल के तहत पटना के तारामंडल सभागार में ‘ट्रांसफॉर्मिंग हायर एजुकेशन इन बिहार विद जेनरेटिव एआई-गूगल’ विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में राज्यभर के राजकीय इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ-साथ चुनिंदा मास्टर ट्रेनर्स ने हिस्सा लिया.
एआई से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में एआई की बढ़ती भूमिका और इसके जिम्मेदाराना उपयोग पर अपने विचार व्यक्त किए. विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि एआई का मुख्य उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता सुधारना और छात्रों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना है. उन्होंने एआई के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि तकनीक को अपनाते समय मानवीय निर्णय, शैक्षणिक मूल्य, डेटा गोपनीयता और नैतिक उत्तरदायित्व को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
डिजिटल बदलाव की आवश्यकता
तकनीकी शिक्षा निदेशक मनोरंजन कुमार और संयुक्त निदेशक मंजीत कुमार ने इसे बिहार की तकनीकी शिक्षा के लिए एक डिजिटल क्रांति बताया. उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से यह ट्रेनिंग राज्य के सभी संस्थानों तक पहुंचेगी, जिससे शिक्षा अधिक समावेशी और नवाचार-संचालित बनेगी.
जेमिनी एआई और डिजिटल वर्कस्पेस पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
गूगल फॉर एजुकेशन की टीम द्वारा आयोजित तकनीकी सत्रों में शिक्षकों को गूगल के प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एआई टूल्स का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया. जेमिनी एआई टूल (Gemini AI Tool) क्लासरूम टीचिंग के लिए एआई की मदद से नया और आकर्षक कंटेंट तैयार करेगा. वहीं गूगल वर्कस्पेस और एजुकेशन सिस्टम डिजिटल टूल्स के जरिए छात्रों के साथ त्वरित संवाद, सहयोग और असेसमेंट तैयार करेगा. क्रिएटिव पैडागॉजी से पढ़ाने की पारंपरिक शैलियों में तकनीकी पहलुओं को जोड़कर शिक्षण को अधिक आधुनिक और रोचक बनाया जाएगा.
ADVERTISEMENT


