बिहार की राजधानी पटना के कोचिंग जगत में चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब एक बेहद दुखद मोड़ ले चुकी है. रोशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अब पटना के तमाम शिक्षक एकजुट होकर रोशन आनंद के समर्थन में उतर आए हैं. इस पूरी घटना को लेकर और खान सर के खिलाफ पटना के मशहूर शिक्षक गुरु रहमान ने खुलकर अपनी बात रखी है और बिहार सरकार से कोचिंग माफियाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है. रोशन आनंद को जेल से बेल तो मिल गई है, लेकिन यह राहत तब आई जब उनके भाई की मौत हो चुकी थी, जिससे उनके पैतृक घर सहरसा में मातम पसरा हुआ है.
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वर्चस्व की लड़ाई में उजड़ रहे परिवार
गुरु रहमान ने इस पूरी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक हृदय विदारक घटना बताया है. उन्होंने कहा कि उनके लंबे टीचिंग करियर में यह पहली बार हुआ है जब दो कोचिंग संस्थानों के वर्चस्व की लड़ाई के कारण किसी ने अपने परिवार के सदस्य को खो दिया है. उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस दुखद घटना के बाद भी कई लोग अपनी राजनीतिक और व्यक्तिगत रोटियां सेकने में लगे हुए हैं, कोई इसे जाति का रंग दे रहा है तो कोई संप्रदाय के आधार पर देख रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है. गुरु रहमान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस केस के आधार पर रोशन आनंद को जेल भेजा गया था, उसी तरह की कार्रवाई खान सर पर भी होनी चाहिए थी, और अगर शुरुआत में ही सही कार्रवाई हो जाती तो आज यह नौबत ही नहीं आती.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सख्त कार्रवाई की अपील
बिहार के कोचिंग संस्थानों की मौजूदा स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए गुरु रहमान ने सूबे के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधी अपील की है. उन्होंने कहा कि पटना और बिहार के कोचिंग संस्थान अब सिर्फ शिक्षा के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि कई लोग इसे एक धंधे की तरह चला रहे हैं, जहां लोग माफिया और सेटर बन चुके हैं.
गुरु रहमान ने सरकार से मांग की है कि साल 2010 के कोचिंग एक्ट को पूरे बिहार में बेहद कड़ाई से लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि जब तक इस कानून को सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक रिजल्ट की खरीद-बिक्री पर रोक नहीं लग पाएगी और मासूम लोगों को अपनी जान गंवाकर इसकी कीमत चुकानी पड़ती रहेगी.
खान सर पर लगे आरोपों की गहराई से जांच की मांग
रोशन आनंद द्वारा खान सर पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर जब गुरु रहमान से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से जांच का विषय है. उन्होंने साफ किया कि अगर रोशन आनंद के आरोप सही साबित होते हैं, तो आरोपी व्यक्ति चाहे कितना भी रसूखदार या प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानूनन सख्त सजा मिलनी ही चाहिए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए कई लोग सीबीआई जांच की भी मांग कर रहे हैं, लेकिन गुरु रहमान का कहना है कि चूंकि यह घटना नेपाल में हुई है, इसलिए जांच की कानूनी प्रक्रिया गहरी होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर नेपाल प्रशासन का सहयोग लेकर मामले की तह तक जाना चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके.
खान सर के रोने वाले वीडियो और पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया
प्रिंस यादव की मौत के बाद खान सर द्वारा जारी किए गए एक वीडियो, जिसमें वे रोते हुए और संवेदना व्यक्त करते हुए दिख रहे हैं, उस पर भी गुरु रहमान ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि संवेदना व्यक्त करना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे की हकीकत कुछ और ही बयां करती है. उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को विरोध स्वरूप कोर्ट में दो वकील भी खड़े किए गए थे, जो बाद में वहां से चले गए. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की गुटबाजी और हरकतें जारी रहीं, तो बिहार की छवि जो पहले से ही खराब है, वह देश और दुनिया में और ज्यादा बदनाम हो जाएगी.
हालात बने प्रिंस यादव की मौत के जिम्मेदार
इंटरव्यू के दौरान जब गुरु रहमान से पूछा गया कि क्या अगर पत्थरबाजी, गोलीबारी, पुरानी अदावत और एफआईआर का यह पूरा विवाद नहीं हुआ होता, तो क्या आज प्रिंस यादव जिंदा होते? इस पर उन्होंने बिना किसी संकोच के कहा कि बिल्कुल आज प्रिंस यादव हंसते-खेलते अपने परिवार के साथ सुरक्षित होते. उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि प्रिंस यादव की मौत के जिम्मेदार वो हालात हैं, जो रिजल्ट की खरीद-बिक्री और आपसी दुश्मनी के कारण पैदा किए गए. इन्हीं खराब और डरावने हालातों की वजह से प्रिंस को जान बचाकर भागना पड़ा और नेपाल जाना पड़ा, जहां अंततः उसकी मृत्यु हो गई.
यहां देखें वीडियो
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