जहानाबाद में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर एक अनोखा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला. जिले की कमान संभाल रहीं जिलाधिकारी (DM) छिरिङ वाई भूटिया ने पारंपरिक प्रशासनिक प्रोटोकॉल को पीछे छोड़ते हुए खुद खेल के मैदान में उतरने का फैसला किया. उन्होंने न केवल कार्यक्रम का उद्घाटन किया, बल्कि खेल परिसर में मौजूद विभाग की महिला अधिकारियों और खिलाड़ियों के साथ एथलेटिक्स ट्रैक पर रेस लगाई.
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मंच छोड़ महिला अधिकारियों और खिलाड़ियों संग लगाई रेस
समारोह के दौरान जब खेल का आयोजन शुरू हुआ, तब डीएम छिरिङ वाई भूटिया ने मंच पर बैठकर केवल औपचारिकता निभाने के बजाय खुद मैदान में जाने का निर्णय लिया. जिलाधिकारी के साथ विभागीय महिला अधिकारी भी खेल पोशाक में नजर आईं. जैसे ही डीएम ने महिला अफसरों और स्थानीय महिला खिलाड़ियों के साथ कदम से कदम मिलाकर रेस शुरू की, पूरे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया.
"खेल सिर्फ मेडल के लिए नहीं, जिंदगी में अनुशासन के लिए जरूरी"
दौड़ पूरी करने के बाद खिलाड़ियों और उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने खेल और शारीरिक फिटनेस के महत्व पर जोर दिया:
- मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य: उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ प्रतियोगिताओं को जीतने या पदक हासिल करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये इंसान को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से सतर्क बनाते हैं.
- अनुशासन की सीख: खेलकूद से युवाओं और कार्यरत अधिकारियों में अनुशासन, टीम वर्क और तनावमुक्त रहने की क्षमता विकसित होती है.
- डिजिटल स्क्रीन से दूरी: आज के दौर में जब लोग अपना ज्यादातर समय स्क्रीन और फाइलों के बीच बिता रहे हैं, ऐसे में मैदान से जुड़कर शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है.
जिले के लिए बना प्रेरणादायक संदेश
जिले की शीर्ष महिला प्रशासनिक अधिकारी को अपने विभाग की अन्य महिला अधिकारियों और खिलाड़ियों के साथ ट्रैक पर रेस लगाते देख हर कोई दंग रह गया. खेल अधिकारियों का मानना है कि डीएम की इस पहल से जिले में महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ खेल संस्कृति को नया बढ़ावा मिलेगा.
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