बिहार के जमुई जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. जमुई सदर थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार की शाम घर का राशन लेने दुकान निकली एक 7 साल की मासूम बच्ची अचानक गायब हो गई. परिजनों और पूरे मोहल्ले की रात भर की खोजबीन के बाद अगले दिन शनिवार की सुबह उसका शव एक सुनसान अर्धनिर्मित मकान परिसर से बरामद हुआ. बच्ची का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया. मृतका के पिता और ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि मासूम के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर साक्ष्य छिपाने की नीयत से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई.
ADVERTISEMENT
सामान लेने गई थी दुकान, रातभर भटकते रहे परिजन
मृतक बच्ची के पिता के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे उन्होंने अपनी मासूम बेटी को घर के पास स्थित दुकान से राशन का सामान लाने भेजा था. जब काफी देर (रात 8 बजे) तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिवार वाले चिंतित हो गए और पूरे मोहल्ले में उसकी तलाश शुरू की. रातभर परिजन और स्थानीय लोग हर संभावित जगह और रिश्तेदारियों में बच्ची को ढूंढते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. शनिवार सुबह जब पिता घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराने टाउन थाना जा रहे थे, तभी परिजनों को खबर मिली कि पास ही मौजूद एक लंबे समय से बंद पड़े अधबने मकान की बाउंड्री के भीतर बच्ची का शव पड़ा है.
"जबरदस्ती कर मार दिया..." पिता का रो-रोकर बुरा हाल
घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने जब मासूम को बदहवास हालत में देखा तो पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई. बच्ची के पिता ने रोते हुए बताया:
हम बच्ची को शाम में राशन का सामान लाने भेजे थे. जब रात 8 बजे तक नहीं आई तो पूरी रात ढूंढते रहे. सुबह पता चला कि उसका शव यहां पड़ा है. किसी दरिंदे ने उसके साथ जबरदस्ती (दुष्कर्म) की और फिर उसे मार डाला.
SP विश्वजीत दयाल पहुंचे मौके पर, FSL और डॉग स्क्वॉड की टीम तैनात
वारदात की सूचना मिलते ही जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल और सदर थाने की पुलिस टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर से फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) और डॉग स्क्वॉड की विशेष टीमों को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया. जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा:
7-8 वर्ष की एक बच्ची शुक्रवार शाम से गायब थी. शनिवार सुबह उसका शव एक निर्माणाधीन मकान के अंदर मिला है. फिलहाल शरीर पर बाहर से कोई प्रत्यक्ष गंभीर चोट के निशान नहीं दिख रहे हैं. FSL की टीम साक्ष्य और सैंपल जुटा रही है. घटनास्थल से एक संदिग्ध चप्पल भी मिली है जिसकी जांच की जा रही है. इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बच्ची के मूवमेंट का पता लगाया जा सके. पोस्टमार्टम और एक्सपर्ट रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह और कारणों का खुलासा हो पाएगा.
सुरक्षा के दावों पर उठे सवाल
इस जघन्य घटना ने जमुई ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुनसान और अधूरे पड़े मकान अक्सर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाते हैं, जिस पर प्रशासन को सख्त रुख अपनाना चाहिए. फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है.
ADVERTISEMENT


