जमुई मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन! फरार मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, मुठभेड़ में लगी गोली

रोहित कुमार सिंह

22 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 22 2026 1:32 PM)

Jamui Nandan Yadav Encounter: बिहार के जमुई में एक छात्र और छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने बेहद सख्त एक्शन लिया है. पुलिस मुठभेड़ में फरार आरोपी नंदन यादव को गोली लगी है. वहीं, घटना का वीडियो वायरल करने वाले 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

जमुई मामले में पुलिस का सबसे बड़ा एक्शन!
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Jamui Nandan Yadav Encounter: बिहार के जमुई बदसलूकी मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. ताजा अपडेट के मुताबिक, मामले में फरार चल रहे आरोपी नंदन यादव के साथ पुलिस की सीधी मुठभेड़ हुई है. जमुई पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में नंदन यादव को गोली लगने की सूचना है. बिहार पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने खुद इस मुठभेड़ और पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि दो फरार आरोपियों के साथ पुलिस का आमना-सामना हुआ था.

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सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कानूनी शिकंजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केवल मुख्य अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो प्रसारित कर पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ भी बेहद सख्त रुख अपनाया है. साइबर थाने में 120 से अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है. अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले इन सभी 120 प्रोफाइल धारकों पर पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और आईटी एक्ट (IT Act) की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इस बीच, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को अपने शिकंजे में ले लिया है.

SIT गठित, जमुई एसडीपीओ को सौंपी गई कमान

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जांच में जुटा हुआ है. बिहार पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) के.एस. अनुपम के अनुसार, मामले की पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान जमुई एसडीपीओ (SDPO) को सौंपी गई है. इसके अलावा, मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है.

पुलिस प्रशासन की सख्त अपील: ना करें वीडियो फॉरवर्ड

जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल ने बताया कि किसी भी नाबालिग पीड़िता का वीडियो या उसकी पहचान सार्वजनिक करना कानूनन संगीन अपराध है. एसपी ने आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि पीड़िता की गरिमा का सम्मान करते हुए इस वीडियो को किसी भी हाल में लाइक, शेयर या फॉरवर्ड न करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.

नाबालिगों का चेहरा दिखाने पर POCSO एक्ट में केस

पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी नाबालिग पीड़ित की पहचान या चेहरा उजागर करना गंभीर कानूनन अपराध है. एडीजी ने चेतावनी दी है कि जो भी लोग इस तरह के वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, उनके खिलाफ POCSO एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

पहाड़ी इलाके में अंजाम दी गई थी वारदात

एडीजी के मुताबिक, यह घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर दूर एक सुनसान पहाड़ी इलाके में घटी थी. घटना का समय शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच दर्ज किया गया है. अब पुलिस इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही है कि घटना वाले क्षेत्र में पेट्रोलिंग की व्यवस्था कैसी थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही या भूमिका पाई जाएगी, उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.

क्या था पूरा मामला?

यह पूरी घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कुछ मनचले सड़क पर जा रहे बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की को रोकते और परेशान करते दिख रहे थे. वीडियो सामने आते ही जमुई एसपी ने मामले का संज्ञान लिया और घटना की पुष्टि की. पुलिस ने दोनों पीड़ित नाबालिगों से बात करके उनका बयान दर्ज किया और उसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर यह बड़ी कार्रवाई की.

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