झारखंड बनेगा टेक-लीडर: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में वैश्विक दिग्गज कंपनियों के साथ B2G बैठक संपन्न

न्यूज तक डेस्क

• 03:51 PM • 09 Jul 2026

झारखंड को तकनीकी नवाचार और AI आधारित सुशासन का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में Google, Microsoft और IBM जैसी वैश्विक टेक कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण B2G बैठक संपन्न हुई. जानें झारखंड विजन 2050 और डिजिटल परिवर्तन की पूरी योजना.

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तस्वीर: सीएम हेमंत सोरेन के सोशल मीडिया X से.
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार ने एआई (AI) आधारित सुशासन और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. 'विजन 2050' के तहत आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठक संपन्न हुई. इस पहल का मुख्य उद्देश्य झारखंड को देश में नवाचार और आधुनिक तकनीक का अग्रणी राज्य बनाना है. 

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा- "झारखंड अपनी समृद्ध पारंपरिक ज्ञान-सम्पदा और स्थानीय बुद्धिमत्ता को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर विकास का एक नया, समावेशी और जन-केंद्रित मॉडल पेश करेगा. हमारा राज्य नवाचार आधारित प्रौद्योगिकी विकास का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."

वैश्विक टेक दिग्गजों ने मिलाया हाथ

इस उच्च स्तरीय बैठक में Google, Microsoft, IBM, AWS, Oracle, Salesforce, Techstar, Leah AI और Mamsys जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया और राज्य के विकास के लिए अपने प्रस्ताव रखे-   

Google: राज्य के 3 से 4 लाख शिक्षकों (K-12) को 3 महीने का AI प्रशिक्षण और प्रमाणन देने का प्रस्ताव. साथ ही, एआई-आधारित एम्बुलेंस प्रबंधन, स्मार्ट हेल्थकेयर और भाषा समाधानों के लिए जल्द ही एक 'स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट' (SoI) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. 

Microsoft: सभी सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत करने के लिए एक 'एआई संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' विकसित करने पर चर्चा हुई, जिससे साक्ष्य-आधारित फैसले लेने और सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण में तेजी आएगी. 

IBM: खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए इंटेलिजेंट डेटा एनालिटिक्स और एआई समाधानों का प्रस्ताव दिया, जिसके लिए कंपनी मुफ्त प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) प्रदान करेगी.

AWS (Amazon Web Services): सुरक्षित क्लाउड अवसंरचना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) में सुधार और एक केंद्रीकृत निर्णय समर्थन डैशबोर्ड बनाने पर विचार-विमर्श हुआ. कंपनी ने भी मुफ्त PoC की पेशकश की है.

Oracle और SaaS: इन कंपनियों ने राज्य में डिजिटल स्किलिंग, क्षमता निर्माण, साइबर सुरक्षा और हाइब्रिड क्लाउड के माध्यम से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और लीकेज को कम करने की इच्छा जताई. 

दीर्घकालिक साझेदारी की ओर बढ़ते कदम 

बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की और उनके सुझावों का स्वागत किया. 

इस परामर्श से यह साफ हो गया है कि वैश्विक टेक कंपनियां झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बेहद उत्साहित हैं. राज्य सरकार अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-गवर्नेंस और कौशल विकास के दम पर झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा डिजिटल और निवेश गंतव्य (Investment Destination) बनाने के लिए तैयार है. 

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