जिस भाभी की हत्या के आरोप में राजेश 10 महीने से जेल में था वो प्रेम कुमार के घर में मिली, पुलिस की लापरवाही की खुल गई पोल

Innocent Rajesh Yadav in Jail: कटिहार में पुलिस की बड़ी लापरवाही! जिस महिला की हत्या के आरोप में देवर 10 महीने से जेल में बंद है, वह जिंदा मिली. आजमनगर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव का मामला. एसपी शिखर चौधरी ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए.

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10 महीने बाद मिल गई पुलिस की नजर में मर चुकी लक्खी देवी.

बिपुल राहुल

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katihar Fake Murder Case: तुमने अपनी विधवा भाभी की किडनैपिंग करके हत्या की है...ऐसे ही अल्फाजों के साथ राजेश यादव पर महिला के कत्ल का इल्जाम मढ़ा गया. हद तो तब हो गई जब पुलिस ने भी मान लिया और शव नहीं मिलने के बावजूद राजेश को जेल में ढूंस दिया गया. राजेश जेल की सलाखों के पीछे एक-एक दिन ये सोचकर बिता रहा था कि जो जुल्म उसने किया ही नहीं है उसकी सजा क्यों दी जा रही है? विधि का विधान देखिए...राजेश के सवालों का जवाब उस वक्त मिल गया जब लक्खी देवी कटिहार के सुधानी थाना इलाके के दोगज गांव में प्रेम कुमार राय के घर में जिंदा मिल गई. अब लोग पुलिस और राजेश पर आरोप लगाने वालों को जमकर कोस रहे हैं. इस पूरे मामले ने कटिहार पुलिस पर बड़ा सवलिया निशान लगा दिया है. 

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ये कहानी शुरू होती है कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव से. यहां के रहने वाले दुलाल यादव की साल 2014 में बिजली के करंट से मौत हो गई. पति की मौत के बाद 35 साल की उनकी पत्नी लक्खी देवी अपने 4 बच्चों के साथ ससुराल में ही रहती थी. 9 जून 2025 को लक्खी अचानक गायब हो गई. खूब खोजबीन हुई पर लक्खी का पता नहीं चल पाया. लक्खी के भाई भीम यादव ने लक्खी का अपहरण कर उसकी हत्या करने की आशंका जताई और आरोप चचेरे देवर राजेश यादव पर लगा दिया. यही नहीं भीम ने मामले में केस भी दर्ज करा दिया. 

पुलिस भी गजब निकली...मान लिया राजेश दोषी है 

इधर पुलिस ने भी हद कर दी. उसने मान लिया कि राजेश दोषी है. आनन-फानन में उसके खिलाफ सबूत जुटाने लगी और राजेश को जेल में डाल दिया गया. लोगों ने भी मान लिया कि राजेश ने अपनी विधवा भाभी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है...पर सच्चाई तो कुछ और ही थी जो केवल राजेश या लक्खी देवी को पता थी. राजेश की बात कोई मानने को तैयार न था और लक्खी देवी को तो लोगों ने मरा मान लिया था. 

अचानक 10 महीने बाद लक्खी का पता चल गया 

अब 10 महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद कटिहार के सुधानी थाना इलाके के दोगज गांव में प्रेम कुमार राय के घर से लक्खी देवी जिंदा बरामद हो गई है. लक्खी देवी को आजमनगर थाने की पुलिस सुरक्षित लेकर थाना ले आई है. कटिहार पुलिस ने लक्खी को कटिहार कोर्ट में पेश किया है और इसके जीवित होने का बयान दर्ज करवाया है. अब सवाल ये है कि पुलिस के अनुसंधान में चूक कहां हुई है ? 


लक्खी देवी के सकुशल जिंदा बरामद होने के बाद अब कटिहार पुलिस दोबारा मामले की जांच कर रही है. मामले में कटिहार के एसपी शिखर चौधरी ने जांच के आदेश दिए हैं. इधर परिजन और ग्रामीणों ने लख्खी देवी हत्याकांड में आरोपी राजेश कुमार यादव को निर्दोष बताते हुए उसे झूठे केस में फंसा कर जेल भेजने की बात कह रहे हैं. 

लक्खी की मांग में सिंदूर...सवाल कई  

लक्खी की बरामदगी के बाद उसकी मांग में सिंदूर देखा गया है जबकि उसके पति की मौत तो सालों पहले हो चुकी है. ऐसे में अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या लक्खी ने किसी और से शादी कर घर बसा लिया. 4 बच्चों की मां ने नई जिंदगी शुरू कर दी और इधर उसकी हत्या के आरोप में एक युवक 10 महीने से जेल की सलाखों के पीछे रहा? 

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