केसी त्यागी ने बेटे संग जॉइन की राष्ट्रीय लोक दल, लेकिन नहीं टूटेगा पुराने साथियों से रिश्ता, जानिए कैसे

KC Tyagi News: बिहार और यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले केसी त्यागी ने JDU छोड़कर RLD जॉइन कर ली है. उनके इस फैसले को आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

KC Tyagi Join RLD
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सैय्यद अलमदार हुसैन रिजवी

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KC Tyagi Join RLD: बिहार में कभी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले केसी त्यागी ने अब आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) का दामन थाम लिया है. उनके इस कदम के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है. केसी त्यागी के साथ उनके बेटे ने भी आरएलडी की सदस्यता ली. दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरएलडी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराया. राजनीतिक जानकार केसी त्यागी का JDU छोड़ना और RLD को जॉइन करना उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. बात दें कि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

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पहले ही दे चुके थे ये संकेत

केसी त्यागी और जेडीयू के बीच दूरियों की शुरुआत इसी महीने की 16 तारीख से हुई थी. उन्होंने एक सार्वजनिक बयान जारी कर यह साफ किया था कि उन्होंने जेडीयू के वर्तमान सदस्यता अभियान के तहत अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है. हालांकि, उस समय उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनके इस कदम ने साफ कर दिया था कि वे अब नीतीश कुमार की पार्टी में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं. पार्टी के भीतर उनके और शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद की कमी को लेकर भी लगातार खबरें आ रही थीं, जिसके बाद अब उन्होंने अपना नया राजनीतिक ठिकाना आरएलडी को बना लिया है.

जेडीयू के संस्थापक स्तंभों में से एक थे त्यागी

केसी त्यागी का जेडीयू से नाता दशकों पुराना रहा है. साल 2003 में जब समता पार्टी और जनता दल का विलय हुआ था. तब जॉर्ज फर्नांडीस, शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ केसी त्यागी भी पार्टी के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक माने जाते थे. उन्होंने लंबे समय तक जेडीयू के प्रधान महासचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं और राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा. नीतीश कुमार के हर राजनीतिक संकट में वे ढाल बनकर खड़े रहे.

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 पर टिकी नजरें

राजनीतिक जानकार केसी त्यागी के आरएलडी में शामिल होने को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देख रहे हैं. उनका मानना है कि केसी त्यागी अब यूपी की राजनीति में अधिक एक्टिव नजर आएंगे. वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते हैं और उनके आने से आरएलडी को अपनी जमीन और मजबूत करने में मदद मिलेगी. खास बात यह है कि आरएलडी और जेडीयू दोनों ही वर्तमान में एनडीए का हिस्सा हैं, इसलिए पार्टी बदलने के बावजूद केसी त्यागी एनडीए गठबंधन का ही हिस्सा बने रहेंगे. उनके बेटे के शामिल होने से पार्टी को युवाओं के बीच भी एक नई पकड़ बनाने की उम्मीद है.

नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' देने की मांग और तल्खी

हाल ही में केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' देने की मांग उठाई थी, जिसके बाद जेडीयू के भीतर से ही तीखी प्रतिक्रियाएं आई थीं. पार्टी के कुछ नेताओं ने तो यहां तक कह दिया था कि यह स्पष्ट नहीं है कि त्यागी अभी पार्टी में हैं भी या नहीं. इस तरह की बयानबाजी ने आग में घी का काम किया और त्यागी ने पार्टी से दूरी बनाना ही बेहतर समझा. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जयंत चौधरी उन्हें पार्टी में क्या बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हैं और वे यूपी की राजनीति में आरएलडी के लिए कितने मददगार साबित होते हैं.

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