नई दिल्ली: जनता दल यूनाइटेड (JDU) का दामन छोड़ राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल हुए दिग्गज नेता केसी त्यागी ने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत के साथ ही पुराने दिनों को याद किया. जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता लेने के बाद त्यागी ने एक बेहद भावुक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि विचारधारा के स्तर पर वे हमेशा से चौधरी चरण सिंह के अनुयायी रहे हैं.
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'पद और प्रतिष्ठा की लालसा नहीं'
केसी त्यागी ने अपने संबोधन में साफ किया कि वे किसी पद या निजी स्वार्थ के लिए आरएलडी में नहीं आए हैं. उन्होंने जयंत चौधरी को संबोधित करते हुए कहा कि उनके दादा (चौधरी चरण सिंह) ने उन्हें इतनी प्रतिष्ठा पहले ही दे दी है कि अब उन्हें किसी और चीज की चाह नहीं है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ यह है कि चौधरी साहब द्वारा लगाया गया 'लोकदल' का पौधा फले-फूले और उसका लाभ समाज के हर वर्ग को मिले.
'सिर्फ चौधरी चरण सिंह के सामने किया सिजदा'
त्यागी ने अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही कहीं भी रहे हों, लेकिन वैचारिक रूप से उन्होंने हमेशा चौधरी चरण सिंह को ही अपना रहबर (नेता) माना है. उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के हक में वे हमेशा मुखर रहे हैं और गांव व गरीब की समस्याओं के लिए लड़ना ही उनकी प्राथमिकता रही है.
सामाजिक भाईचारे पर जोर
अपने भाषण में उन्होंने मुरादाबाद दंगों के समय का उदाहरण देते हुए चौधरी चरण सिंह की धर्मनिरपेक्ष राजनीति की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी के नेतृत्व में ऐसा समाज बनेगा जहां 'शिवालय' और 'ईदगाह' की आवाजों में कोई फर्क नहीं होगा और हर त्योहार उसी गौरव के साथ मनाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि मेहनत करने वाले और बराबरी की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति के सपने अब पूरे होंगे.
घर वापसी या नई शुरुआत?
केसी त्यागी ने इसे 'घर वापसी' से भी बढ़कर बताया. उन्होंने कहा कि इंसाफ की तलाश करने वालों को अब जयंत चौधरी के नेतृत्व में न्याय मिलेगा. जेडीयू से अलग होकर यूपी की राजनीति में सक्रिय होने का उनका यह फैसला आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
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