Kishanganj News: बिहार के किशनगंज से सामने आए एक मामले ने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है. यहां एक महिला ने अपने अवैध संबंध को छुपाने के लिए अपने ही पति की जान ले ली. इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी पुलिस के सामने लगातार आंसू बहाती रही और मनगढ़ंत कहानी सुनाती रही. लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया और उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. क्या है पूरा मामला विस्तार से जानते हैं इस खबर में...
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चोरों के हमले की झूठी कहानी और रोने का नाटक
किशनगंज के एक घर में 4 जुलाई की रात को मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था. मृतक की पत्नी डेजी दरवाजे पर बैठकर चीख-चीखकर रो रही थी. वह सबको बता रही थी कि रात में कुछ चोर घर में घुस आए थे. डेजी के अनुसार, चोरों ने लूटपाट की और उसके पति रिजवान की जान ले ली. इस रोती-बिलखती बहू की बात सुनकर रिजवान के पिता सीधे थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस को बताया कि बहू रात में दरवाजा खुला छोड़कर सो गई थी, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने उनके बेटे को मार डाला.
कुवैत से लौटते ही शुरू हुआ मौत का खेल
मृतक रिजवान कुवैत में नौकरी करता था. उनकी शादी को 13 साल हो चुके थे और उनके दो बच्चे भी हैं. रिजवान अपनी शादी के महज 18 दिन बाद ही काम पर वापस कुवैत चला गया था. इसके बाद वह साल-दो साल में कभी-कभार घर आता था, लेकिन परिवार के भरण-पोषण के लिए नियमित रूप से पैसे भेजता था. हाल ही में रिजवान हमेशा के लिए कुवैत छोड़कर बिहार वापस आया था. उसने पत्नी से कहा था कि अब वह भारत में ही रहकर कोई नौकरी ढूंढेगा और परिवार के साथ रहेगा.
मोबाइल फोन ने खोल दिया 9 साल पुराना राज
जब पुलिस मामले की जांच करने पहुंची, तो उसे डेजी के बयानों में कुछ गड़बड़ी लगी. पुलिस ने जब डेजी का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसकी कॉल डिटेल्स और मैसेजेस को खंगालना शुरू किया, तो एक चौंकाने वाला नाम सामने आया. वह नाम था अनवर हुसैन का. पूछताछ में पता चला कि अनवर और डेजी पिछले 9 साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे. रिजवान की गैर-मौजूदगी में दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार और अवैध संबंधों में बदल चुकी थी.
आशिक के साथ मिलकर रची खौफनाक साजिश
रिजवान का हमेशा के लिए घर लौट आना डेजी को रास नहीं आया. उसे डर था कि अगर रिजवान यहीं रहने लगा, तो अनवर के साथ उसका रिश्ता खत्म हो जाएगा और उसका राज खुल जाएगा. अपने अवैध संबंध को बचाने के लिए डेजी ने अनवर के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. 4 जुलाई की रात डेजी ने जानबूझकर घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया. अनवर लोहे की रॉड लेकर घर में घुसा और सो रहे रिजवान के सिर पर वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया.
सामान बिखेरकर चोरों पर मढ़ना चाहती थी दोष
हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने घर का सारा सामान इधर-उधर बिखेर दिया. वे पुलिस और दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि यह सब चोरों का काम है. डेजी ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कॉल रिकॉर्ड्स और पुलिसिया दबाव के आगे वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया. फिलहाल आरोपी डेजी पुलिस की हिरासत में है और मामले की आगे की जांच जारी है.
(इनपुट-गौरव कुमार)
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