पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार और पार्टी विधायक अनंत सिंह के बीच चल रहा विवाद अब जदयू के भीतर बातचीत और सुलह की कोशिशों के केंद्र में है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पूरे मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अनंत सिंह से हुई बातचीत और उनकी नाराजगी की वजह सामने रखी है. ललन सिंह ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनसे इस मामले पर बात की थी.
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इसके बाद उन्होंने अनंत सिंह से भी बातचीत की. पार्टी की ओर से उन्हें दोनों नेताओं के बीच विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई थी. नीरज कुमार के नामांकन को लेकर पूछे गए सवाल पर ललन सिंह ने कहा कि जब कोई प्रत्याशी है तो वह नामांकन दाखिल करेगा, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.
अनंत सिंह की शिकायत क्या है?
ललन सिंह के मुताबिक अनंत सिंह की कुछ शिकायतें हैं. अनंत का कहना है कि जब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब जदयू के कई नेताओं के आग्रह पर उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार का समर्थन किया था. इसके बाद अनंत सिंह जब नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे तो उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा गया.
लेकिन अनंत सिंह का आरोप है कि चुनाव के दौरान उनके खिलाफ कई तरह के बयान और प्रचार किए गए. ललन सिंह ने बताया कि अनंत सिंह का मानना है कि उस समय पार्टी को इस मामले में पहल करनी चाहिए थी. उन्होंने पार्टी की बैठक में भी अपनी शिकायतें रखीं, लेकिन उनके मुताबिक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
‘जिसने मेरे लिए वोट नहीं मांगा, उसके लिए कैसे मांगूंगा?’
ललन सिंह ने अनंत सिंह के रुख को बताते हुए कहा कि उनकी साफ शिकायत है कि जिस व्यक्ति ने उनके लिए वोट नहीं मांगा, वह उसके लिए वोट की अपील कैसे कर सकते हैं. अनंत सिंह के मुताबिक नीरज कुमार उनके खिलाफ थे और उनके खिलाफ वोट मांगते थे. इसी वजह से वह नीरज कुमार के समर्थन में वोट मांगने को तैयार नहीं हैं. यह विवाद उस समय और खुलकर सामने आया जब अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया.
ललन सिंह ने अनंत को क्या समझाया?
ललन सिंह ने बताया कि उन्होंने अनंत सिंह से आग्रह किया है कि पार्टी के हित में वह अब इस मामले पर सार्वजनिक बयान न दें. उनके मुताबिक अनंत सिंह इस बात पर सहमत हो गए हैं. ललन सिंह के अनुसार अनंत सिंह ने कहा है कि वह पार्टी के साथ हैं और पार्टी के साथ रहेंगे. यानी नीरज कुमार को लेकर उनकी नाराजगी अपनी जगह है, लेकिन उन्होंने जदयू से अलग होने की बात नहीं कही है. ललन सिंह ने यह भी कहा कि मीडिया की ओर से अगर अनंत सिंह से इस विवाद पर बयान लेने की कोशिश की जाएगी, तब भी वह अब इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं बोलेंगे.
फिलहाल पटना स्नातक सीट का चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं रह गया है. नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह के रुख ने जदयू के भीतर के पुराने मतभेदों को भी चर्चा में ला दिया है. अब ललन सिंह की पहल के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों नेताओं के बीच की दूरी कम हो पाएगी और चुनावी मैदान में इसका क्या असर दिखाई देगा
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