LJP MLA अमित रानू की गिरफ्तारी की तैयारी, 25 FIR दर्ज, दफ्तर से हथियार बरामद

इन्द्र मोहन

• 11:22 AM • 26 Aug 2026

मुजफ्फरपुर जमीन तोड़फोड़ और रंगदारी मामले में बेलसंड से LJP विधायक अमित रानू की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट मांग रही पुलिस. 8 केस में नामजद

Amit Ranu, LJP MLA
Amit Ranu, LJP MLA
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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में जमीन कब्जाने, तोड़फोड़ और रंगदारी वसूलने के बहुचर्चित मामले में बेलसंड से LJP (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. चिराग पासवान की पार्टी के विधायक पर पुलिस का शिकंजा कस चुका है और मुजफ्फरपुर पुलिस अब उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने जा रही है. मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में अब तक कुल 25 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 मामलों में विधायक अमित कुमार रानू को सीधे तौर पर नामजद अभियुक्त बनाया गया है.

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क्या है पूरा मामला?

घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह इलाके की है. आरोप है कि बीती 20 अगस्त को स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक के बड़े काफिले के साथ 50 से अधिक उपद्रवी मौके पर पहुंचे थे. इन लोगों ने वहां बनी चहारदीवारी और बने-बनाए मकानों को जेसीबी से ढहा दिया. स्थानीय लोगों द्वारा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) न देने पर जमीन खाली कराने की धमकियां दी गईं. घटना के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शुरुआती आरोपियों सुमित कुमार श्रीवास्तव और सन्नी सिंह को दबोचकर जेल भेज दिया. इसके बाद पीड़ित परिवारों की तरफ से 21 और लिखित आवेदन मिले, जिन पर पुलिस ने अलग-अलग 21 नई एफआईआर दर्ज कीं.

पुलिस ने क्या कहा? 

पुलिस के मुताबिक इस मामले में अभी तक कुल 25 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिसमें आठ कांडों में माननीय विधायक बेलसंड अमित कुमार रानू नामजद हैं. अनुसंधान के क्रम में यह बात भी प्रकाश में आई है कि विधायक के विरुद्ध पूर्व में भी जबरन वसूली, रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र का एक मामला रुन्नीसैदपुर थाना में दर्ज है. 

विधायक के कार्यालय पर छापेमारी, असलहे के साथ 2 शूटर अरेस्ट

जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वारदात में शामिल दो इनामी/वांछित आरोपी बेलसंड स्थित विधायक अमित रानू के आधिकारिक कार्यालय में छिपे हुए हैं. इसके बाद मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने दलबल के साथ विधायक के दफ्तर पर रेड मारी. मौके से पुलिस ने नन्हे सिंह और कुख्यात अपराधी छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव को धर दबोचा. तलाशी के दौरान इनके पास से एक अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, 9 जिंदा कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार छोटू यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के कई गंभीर मामले दर्ज हैं.

विधायक के आवास पर सर्च वारंट, फर्जी दस्तावेज व बदसलूकी की नई FIR

मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने 23 अगस्त को कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया और बैरिया स्थित विधायक के आवास पर छापेमारी की. छापेमारी में पुलिस के हाथ कई विवादित दस्तावेज लगे. इनमें विभिन्न जमीनों के पार्टनरशिप एग्रीमेंट, बैंक खातों की पासबुक और वर्ष 2017 के हस्ताक्षरित ब्लैंक (कोरे) स्टाम्प पेपर शामिल हैं. इस दौरान विधायक समर्थकों द्वारा छापेमारी टीम के साथ नोकझोंक और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की गई.


भाई सोनू सिंह फरार, EOU जांच की तैयारी

पूछताछ के आधार पर पुलिस ने विधायक के भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव की तलाश में कच्ची-पक्की इलाके में उनके एक रिश्तेदार के ठिकाने पर भी दबिश दी. हालांकि, सोनू सिंह वहां से भागने में सफल रहा. पुलिस टीम को धमकाने और आरोपी को भगाने में मदद करने के आरोप में उक्त रिश्तेदार पर भी अलग से मामला दर्ज कर लिया गया है. एसएसपी ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक और उनके सहयोगियों की अवैध संपत्तियों की जांच और कुर्ती-जब्ती के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को पत्र लिखा गया है. फिलहाल पुलिस की सभी टीमें मुजफ्फरपुर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने का इंतजार कर रही हैं. वारंट मिलते ही चिराग पासवान की पार्टी के विधायक अमित रानू को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.